बेरोजगारी भत्ते के बदले काम नहीं करेंगे युवक

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि पहले काम के बदले भत्ता दिए जाने की घोषणा की गई थी लेकिन अब यह निर्णय लिया गया कि उन्हें बिना काम से ही यह भत्ता दिया जाये। मालूम हो कि सपा के ड्रीम प्रोजेक्ट बेरोजगारी भत्ता शर्तों में कई बार संशोधन किए जा चुके हैं। चुनाव के दौरान सपा नेतृत्व ने बेरोजगारी भत्ता देने में किसी शर्त का उल्लेख नहीं किया था लेकिन सरकार बनने के बाद आयु को लेकर कई बार तब्दीलियां की गईं।
पहले कहा गया कि 35 से 45 वर्ष के लोगों को भत्ता दिया जाएगा। उसके बाद आयु सीमा 25 से 35 की गयी, फिर यह सीमा 25 से 45 वर्ष की गयी। इसी बीच सरकार ने कहा था कि बेरोजगारी भत्ता के बदले काम लिए जाने की शर्त रखी गई थी लेकिन आज उसे भी वापस लेने की घोषणा कर दी गई। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं को लैपटाप और टैबलेट आगामी अक्टूबर के अंत तक दिया जाना शुरू कर दिया जाएगा। इसके वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
श्री यादव ने पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के जमकर आरोप भी लगाये। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बिजली के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। अखिलेश ने बसपा की चहेती बिजली कम्पनी के बारे में कहा कि कंपनी सस्ती बिजली खरीदकर महंगे दाम पर सरकार को बेच रही है इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानपुर में बिजली वितरण व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। विद्युत का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रहा है जिससे वितरण में समस्या आ रही है। जल्द ही सरकार उत्पादन बढ़ाने का प्रयास करेगी ताकि वितरण व्यवस्था को दुरूस्त किया जा सके।












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