लोकपाल को कमजोर रखना चाहता है सलमान का मंत्रालय

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और उनकी टीम जनलोकपाल बिल को लेकर अभी 27 जुलाई से 5 अगस्त कर अनशन थी पर सरकार उनके आंदोलन को अभी भी कोई तव्वजो नहीं दे रही है।
सूत्र बता रहे हैं कि सलमान खुर्शीद लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनका मंत्रालय इस बिल को लेकर गंभीर है और देश को एक मजबूत लोकपाल मिलेगा पर सूत्र बता रहे हैं कि कानून मंत्रालय ने लोकपाल विधेयक की छानबीन कर रही राज्यसभा की प्रवर समिति से कहा है कि लोक सेवकों को संविधान के अनुच्छेद 311 और 320 में और परिच्छेद 3 (सी) के तहत प्रदत्त सुरक्षा पर प्रस्तावित कानून का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इस विधेयक के खंड सात के परिच्छेद 23 (1) के अनुसार, लोकपाल के निर्देश पर प्रारंभिक या पूरी जांच के लिए या कोई आरोप पत्र पेश करने के लिए या जांच की बंदी रिपोर्ट इस कानून के तहत बनी विशेष अदालत पेश करने के लिए किसी भी प्राधिकार से स्वीकृति या अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी। विधि मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों की सुरक्षा के लिए इस विधेयक के प्रावधान में बदलाव का भी पक्ष लिया है ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भ्रष्टाचार निरोधी एजेंसी उनसे पूछताछ नहीं कर सके।
मंत्रालय की ओर से लोकपाल समिति को कहा गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के बचाव के लिए इस विधेयक के मसौदे को बदलने की जरूरत है ताकि जिन संवेदनशील मुद्दों पर प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे से बाहर रखा गया है उन पर अधिकारियों से भी कोई पूछताछ नहीं कर सके।












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