देश की भाषा नहीं समझते चिदंबरम: शरद यादव

इस मौके पर बाबा के मंच से शरद यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और मोंटेक सिंह अहलूवालिया पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग देश की भाषा नहीं समझते। ये एक फीसदी अंग्रेजी बोलने वाले हमारे देश को लूट रहे हैं। दिल्ली से लेकर गांव तक क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले लोग बेहाल है। उनको नौकरी नहीं मिल रही। और एक फीसदी अंग्रेजी बोलने वाले अच्छे पदों पर पहुंच रहे हैं। जब तक केंद्र सरकार भ्रष्टाचार को जड़ से नहीं खत्म करेगी, तब तक कुछ नहीं हो सकता।
देश का खून ही नहीं अब हड्डियां भी गलती जा रही है। कालेधन पर शरद यादव ने कहा कि मुट्ठी भर सांसद इस मामले के आरोपी है, लेकिन पूरे कोम पर सवालियां निशान खड़े हो रहे है। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर वार करते हुए कहा कि वह हर समय एफडीआई की माला जपते है, और खुदरा बाजार से जुडे 22 करोड़ लोगों के पेट पर लात मारना चाहते है।
गडकरी ने कहा हर पार्टी दे बाबा का साथ
इसके बाद नितिन गडकरी ने कहा, "मैं पूछा चाहता हूं कि जिन लोगों ने बेईमानी करके देश का धन विदेशों में रखा है, उनका नाम लेने में सरकार और सत्ताधारी दल संकोच क्यों कर रहे हैं। मैं मांग करता हूं, कि जो काला धन जमा करने वाले लोगों का नाम उजागर किया जाये। देश की आर्थिक हालत खसता हो चुकी है। 2 लाख चालीस हजार करोड़ का सोना आयात होता है। जिस विकास दर को 12 प्रतिशत बनाने का सपना देख रहे थे, व 5 फीसदी से नीचे जा रहा है। बिजली की कमी है, उद्योग बंद हो रहे हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। गांव के लोगों का वोट मिलने के बाद भी देश में हालात जस के तस हैं।"
गडकरी ने आगे कहा, "अगर देश में काला धन वापस आयेगा, देश की तस्वीर बदलेगी, उसका भविष्य बदलेगा। इसी बात के लिये आंदोलन किया जा रहा है। केंद्र सरकार अपने सहयोगी दलों के कारण नहीं टिकी हुई है। लोगों को झूठे केसों में फंसाकर गिरफ्तार करना सरकार का काम बन चुका है। अपने राज्यों में संघर्ष की बात करने वाले ये लोग दिल्ली में सीबीआई की फाइल देखते ही बदल जाते हैं।"
इसी दौरान गडकरी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से बाबा रामदेव के आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।












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