गीतिका केस- कांडा फरार, मंदीप बने बलि का बकरा

पुलिस ने गीतिका की सीनियर अरुणा चडढा को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में फंसे हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा फरार हो गए हैं। गीतिका की मौत का सच जानने के लिए दिल्ली पुलिस ने गोपाल कांडा कोपूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था लेकिन शाम होने तक उनका कुछ नहीं पता चला तो उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस की चार टीमें हरियाणा में कई ठिकानों पर कांडा की तलाश कर रही है। कांडा के गुडग़ांव स्थित फॉर्म हाउस पर भी पुलिस गई लेकिन पूर्व मंत्री का कोई पता नहीं चला।
पुलिस ने कांडा की कंपनी के एक कर्मचारी मनदीप को हिरासत में लिया है। पुलिस ने इसे सरकारी गवाह बनाया है। जब वन इंडिया के संवाददाता ने सिरसा स्थित मंदीप सिंह के घर जाकर मामले की जांच की तो पता चला कि उसका परिवार बेहद गरीब है। नामधारी मोहल्ले में दो कमरों के छोटे से मकान में रहने वाला मंदीप का परिवार बार-बार कह रहा है कि उनके बेटे मंदीप को इस केस मे बली का बकरा बनया जा रहा है। मंदीप सिंह की मां सुखविंद्र कौर ने बताया कि उसका बेटा कोई अपराधी नहीं है। हम जानते हैं कि वह निर्दोष है। बड़े नेता उसे निशाना बनाकर खुद बचना चाहते हैं।
सुखविंद्र कौर ने बताया कि 2 अगस्त को मंदीप राखी पर घर आया था। उसके अगले दिन वह चला गया। एमडीएलआर में उसने 2009 में नौकरी की। वह वहां एक आम कर्मचारी की तरह काम करता था। हमें न्यूज चैनलों के माध्यम से पता चला कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। मंदीप के पिता रणधीर सिंह का कहना है कि जब उनका बेटा दिल्ली गया तब वह 23 साल का था। वह वहां चपरासी का काम करता था, और एक चपरासी मंत्री के इतने करीब नहीं हो सकता। नम आंखों से मंदीप की मां निर्मल कौर ने कहा कि साडा बच्चा निर्दोष है, ए वडे-वडे लोग पैसे दे लई कुछ भी कर सकदे ने।
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