अब लालबत्ती पाने की फिराक में हैं पुराने सपाई

पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तो लोक सभा चुनाव की योजना बना रहे थे लेकिन बैठक में आए सपाई तो लालबत्ती की चर्चा में मशगूल थे। पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता अब सत्ता सुख पाने को ललायित हैं। विधान सभा चुनाव से सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं को जनता के बीच यह कहते हुए भेजा कि कि जिन्हें किन्हीं कारणों से टिकट नहीं मिल पाया वे निराश न हों।
मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि संघर्षशील कार्यकर्ताओं को समय आने पर उनकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा और पार्टी सत्ता में आयी तो उन्हें उचित सम्मान दिया जाएगा। श्री यादव की इस अपील का असर भी दिखायी दिया और कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रचार प्रसार किया जिसकी बदौलत सपा का प्रदेश की सत्ता मिली। अब वही कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख को उनका वायदा याद दिलाना चाहते हैं। सरकार बनने के बाद पार्टी विधायकों व प्रमुख कार्यकर्ताओं में सत्ता सुख पाने की चाहत बढ़ गयी है।
कुछ को मंत्री पद मिल चुका है तो कइयों को यह आश्वासन दिया गया है कि समय आने पर उन्हें उचित समायोजन दिया जाएगा। विधायकों के भीतर खुद को मिलने वाले तोहफे की बेचैनी देखने को मिल रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में करीब 150 निगमों व परिषदों के अध्यक्ष पद अभी रिक्त हैं। इनमें से अधिकांश पदों को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है। विधायकों व प्रमुख कार्यकर्ताओं की नजर इन्हीं पदों पर है। इन पदों पर नामित किए जाने से न सिर्फ उन्हें लालबत्ती मिल जाएगी बल्कि राज्यमंत्री का दर्जा भी।
पदाधिकारियों का मानना है कि ऐसा करने से लोगों के बीच यह संदेश जाएगा कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं का हमेशा ध्यान रखती है। सूत्रों के अनुसार बनवारी सिंह यादव, बुक्कल नवाब को विधान परिषद के सदस्य के रूप नामित किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ता यह सोच रहे हैं कि अब जल्द ही अन्य पदों के लिए भी अधिकारी नामित किए जाएंगे। उधर मुलायम सिंह यादव इस मुददे पर कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। शायद उनका मानना है कि ऐसा करने से पार्टी में गुटबाजी बढ़ जाएगी जबकि इस वक्त पार्टी को लोकसभा चुनाव पर ध्यान केन्द्रित करना है ऐसे में एक भी गलत कदम पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है।












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