केंद्र में हलचल- सोनिया से चुपचाप मिलीं शीला

मुलाकात के बाद जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि क्या यह मुलाकात केंद्र में जाने की बाबत थी तो उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया। शीला दीक्षित ने कहा, दिसंबर, 2013 में राज्य में चुनाव होना है इसलिए राज्य में कई योजनाओं को करीने से क्रियान्वयन करना था। यह मुलाकात इसीलिए थी। पर सूत्र इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि नव नियुक्त राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से पहले शीला का मुलाकात थोड़ी रहस्यमयी थी। इसलिए अब उस कयास को बल मिलने लगा है कि शीला को केंद्र में भेजा जा सकता है।
वैसे भी आपको वन इंडिया ने खबर दी थी कि मानसून सत्र के बाद कैबिनेट में व्यापक फेरबदल होने जा रहा है जिसमें शीला दीक्षित को कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है। हालांकि सियासी लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार में शीला को गृहमंत्रालय जैसा बड़ा पद भी दिया जा सकता है। हालांकि यह केवल अभी कयासबाजी है।
उधर कुछ कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि अगले साल दिल्ली में चुनाव होने हैं इसलिए किसी नए व्यक्ति पर दांव खेलने से कांग्रेस को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए चुनाव तक शीला को दिल्ली में ही बनाया रखा जा सकता है।












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