अगाथा का इस्तीफा, शीला दीक्षित या सुप्रिया आ सकती हैं कैबिनेट में

केंद्रीय कैबिनेट में सितंबर के प्रथम सप्ताह में फेरबदल होगा, लेकिन उससे पहले ही मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए वित्त और गृह मंत्रालय में परिवर्तन प्रस्तावित है। इससे पहले कि कोई परिवर्तन हो अगाथा ने अपनी कुर्सी छोड़ दी है। इसके पीछे शरद पवार से मतभेद होने की वजह बतायी जा रही है।
मानसून सत्र आठ अगस्त को शुरू होने जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि सितंबर में होने वाले परिवर्तन में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी केंद्र में लाए जाने की चर्चा है, हालांकि शरद पवार सुप्रिया सूले को केंद्रीय कैबिनेट में लाना चाहते हैं।
सूत्रों ने बताया कि मनमोहन सिंह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के इस्तीफे के बाद जल्द से जल्द इस पद पर तैनाती चाहते हैं साथ ही वे चाहते हैं कि वित्त मंत्री की कुर्सी पर चिदंबरम को बैठाने के बाद गृहमंत्री की कुर्सी पर भी किसी योग्य को बैठा दिया जाए पर ये सब मानसून सत्र के पहले हो जिससे बाजार से अनिश्चितता का माहौल भी खत्म हो सके।
शीला दीक्षित को कांग्रेस ने कर दिया है इशारा
एक सूत्र ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कांग्रेस की तरफ से इशारा हो गया है कि उनको केंद्र में लाया जा सकता है। हालांकि उन्हें कौन सा पद दिया जाएगा इसके बारे में अभी केवल कयासबाजी चल रही है, लेकिन माना जा रहा है कि शीला दीक्षित को केंद्र में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं दिल्ली में सीएम की कुर्सी पर किसे बैठाया जाएगा इसे लेकर भी कांग्रेस के सामने एक बड़ी चुनौती है।
वहीं सूत्र बता रहे हैं कि राहुल गांधी भी बड़ी भूमिका के लिए तैयार हो गए हैं उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी इसके लिए जरूरी है कि कैबिनेट में व्यापक फेरबदल हो इसलिए सभी दलों से चर्चा की जा रही है। यूपीए का एक बड़ा घटक द्रमुक भी चाहता है कि कैबिनेट में बदलाव हो और अपने दो मंत्रियों ए. राजा और मारन की खाली कुर्सी पर किसी को वह बैठा सके। वैसे द्रमुक एक बार फिर टीआर बालू को अच्छी स्थिति में देखना चाहती है।
यूपीए के तीसरे घटक दल एनसीपी भी इस समय खूब बौखलाई हुई है। वह भी चाहती है कि कांग्रेस उसकी प्रतिष्ठा का ध्यान रखे। इसलिए संभव है कि कैबिनेट में बदलाव में वह कुछ महत्वपूर्ण विभाग मांगे। पर इस फेरबदल में इतना तो तय है कि पीए संगमा की बेटी और एनसीपी की नेता और राज्यमंत्री अगाथा संगमा की कुर्सी खतरे से खाली नहीं है। एनसीपी के सूत्र बता रहे हैं कि पार्टी लाइन से अलग होकर काम करने के कारण शरद पवार उन्हें कैबिनेट से बाहर करने जा रहे हैं औऱ उनकी जगह अपनी बेटी सुप्रिया सुले को कैबिनेट में जगह दिलाना चाहते हैं। हालांकि इस फेरबदल में कई और लोगों की कुर्सी इधर उधर हो सकती है।












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