चाहिये ऐसा प्यार- सास ने बहू को दी किडनी

मुंबई के जसलोक अस्पताल में छह जुलाई को यह सफल आपरेशन हुआ। पिछले साल पता चला गया था कि गायत्री की किडनी खराब है। इसे बदलने की जरुरुत है। गायत्री कहती हैं उसकी परेशनी देख कर सास ने खुद कहा कि वह किडनी दान करने को तैयार है। डाक्टर रुसी देशपांडे कहते हैं लोग हैरत कर रहे हैं कोई सास बहू के लिए किडनी दान कर सकती है। काली बाई का ब्लड ग्रुप ओ था, इसलिए किडनी ट्रासप्लांट करने में कोई दिक्कत नहीं थी।
इसी अस्पताल के डाक्टर मदन बहादुर ने खुलासा किया कि एक मुस्लिम महिला को एक जैन पुरुष ने किडनी ने दान की थी। इससे उसकी जिंदगी बच गई। इस सम्मान में इस महिला ने जैन धर्म का सम्मान करते हुए मांस खाना छोड़ दिया। हालाकि जिस जैन की किडनी लगाई गई थी । वे ब्रेन डेड थे। भारत में लगभग एक लाख लोगों की किडनी फेल होती है?
एक अध्ययन के अनुसार उच्च रक्तचाप किडनी के फेल होने का एक मुख्य कारण है और किडनी फेल होने के 27 प्रतिशत नए केसों के लिए जिम्मेदार है।किडनी की बीमारी के केस काफी देर से पता चलते हैं, तब तक यह अंग पूरी तरह से खराब हो चुका होता है। ज्यादातर मौकों पर मरीज को कोई भी लक्षण पता नहीं चलता है, जबकि किडनी अपनी आधी क्षमता पर काम कर रही होती है। किडनी की बीमारी की पहचान केवल मेडिकल जाँच से ही संभव है। नियमित रक्त और पेशाब की जाँच द्वारा किडनी की बीमारी की पहचान बहुत पहले ही की जा सकती है।












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