मेरे आंदोलन से सहमी सरकार कर रही बालकृष्ण पर अत्याचार: बाबा रामदेव

रामदेव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सीबीआई का साजिशन दुरुपयोग कर रही है और उसी के चलते बालकृष्ण को इस मामले में फंसाया जा रहा है। यह सब सरकार इसलिये कर रही है, ताकि मेरे 9 अगस्त को प्रस्तावित आंदोलन में खटाई पड़ सके। असल में सरकार डर गई है।
इंदौर प्रेस क्लब में रामदेव ने कहा, "भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने वाले महापुरोधाओं के आदेश पर बालकृष्ण को गिरफ्तार किया गया, ताकि मेरी अगुवाई में 9 अगस्त से शुरू होने वाले आंदोलन को कमजोर किया जा सके। लेकिन इससे हमारे मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ेगा और हम पूरी ताकत से यह आंदोलन शुरू करेंगे।"
बालकृष्ण को निष्पाप और निरपराध बताते हुए रामदेव ने कहा, "बालकृष्ण का गुनाह सिर्फ यही है कि वह मेरे साथ हैं। उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका दिये बगैर गिरफ्तार कर लिया गया, ताकि उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला जा सके। केंद्र सरकार के करीब 15 मंत्रियों पर गंभीर इल्जाम हैं। इन मंत्रियों के खिलाफ सबूत भी पेश किये गये हैं। लेकिन सरकार को इसकी रत्ती भर भी परवाह नहीं है। वह तो सीबीआई जैसी सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग से उन व्यक्तियों के चरित्र हनन और अपमान में जुटी है, जो मेरे साथ खड़े हैं।"
बाबा रामदेव का दावा है कि पहले बालकृष्ण की भारतीय नागरिकता को लेकर झूठा प्रचार किया गया। यहां तक कि नेपाल पर भी दबाव बनाया गया कि वह दस्तावेजी तौर पर कहे कि बालकृष्ण भारत के इस पड़ोसी देश के नागरिक हैं। लेकिन केंद्र सरकार का दांव तब उल्टा पड़ गया, जब नेपाल के एक जिलाधिकारी ने यह लिखकर दे दिया कि बालकृष्ण नेपाल के नागरिक नहीं हैं।
रामदेव ने यह दावा भी किया कि बालकृष्ण ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिये वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की जो डिग्री पेश की थी, वह असली है और उनके खास सहयोगी को फर्जी दस्तावेजों के मामले में फंसाकर जेल पहुंचाने की साजिश रची गयी है। योग गुरु ने विस्तृत ब्यौरा दिये बगैर कहा, "हमें खरीदने की कोशिश भी की गयी। लेकिन मैं इस बारे में सही वक्त पर खुलासा करुंगा।"












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