अब नेताओं में नहीं होती है रीढ़ की हड्डी : ममता बनर्जी

बताया जा रहा है कि ममता की यह टिप्पणी कांग्रेस के साथ रिश्ते में आए तनाव और केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम के ताजा बयान से संबंधित है। ज्ञात हो कि चिदंबरम ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति की खुलकर आलोचना की थी।
ममता ने अपने पोस्ट में ये भी कहा है कि, पुराने आदर्श, साहस और आम आदमी से जुड़ाव नहीं पाए जाते हैं। यही वजह है कि वे लोग आम आदमी के मुद्दों के लिए लड़ने तथा सच्चाई से पर्दा हटाने में कमजोर एवं डरे होते हैं।
ममता ने ये भी कहा है कि पहले नेताओं में कुछ आदर्श होते थे। वे जनता से जुड़े हुए थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। यही कारण है कि वे कमजोर हो गए हैं और जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करने से डरते हैं। ममता ने उम्मीद जताई है कि युवा इन नेताओं को पहचानेंगे।
सूत्रों कि माने तो ममता द्वारा ये सब सिर्फ इसलिए कहा गया है कि क्यूंकि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस से उनकी खासी तनातनी चल रही है। साथ ही पिछले दिनों राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवारी के मामले में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का समर्थन करने के बाद जिस तरह यूपीए के खेमे में चले गए थे इन सब बातों को लेकर तृणमूल सुप्रीमो बड़ा खिन्न हुई थी और इन्ही सब बातों के मद्देनजर उन्होंने कुछ इस तरह का पोस्ट अपडेट किया है।












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