58 दिनों तक चली एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल खत्म

आईपीजी के महासचिव ईए कपाडि़या ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि एयर इंडिया प्रबंधन और नागर विमानन मंत्रालय इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगा। इसी समझ के साथ हम परिचालन को सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। आईपीजी ने देर रात जारी अपने बयान में भारतीय न्यायपालिका विशेष तौर पर दिल्ली उच्च न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए धन्यवाद दिया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे इंडियन पायलट गिल्ड ने हड़ताल वापस लेने का औपचारिक फैसला मुंबई में प्रबंधन समिति में लिया।
आईपीजी की वकील गीता लूथरा ने अदालत को बताया कि 434 हड़ताली पायलट 48 घंटे में काम पर लौट आएंगे। इसके बाद आईपीजी का यह बयान आया है। उधर, एयरलाइन प्रबंधन के वकील ललित भसीन ने कहा, माननीय उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल के हस्तक्षेप की वजह से हड़ताल तत्काल प्रभाव से बिना शर्त समाप्त हो रही है। करीब दो घंटे तक चली सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने कहा कि पायलट गुंडे या आपराधिक तत्व नहीं हैं। आपको उनसे बातचीत करने के बाद उनकी शिकायतों पर विचार करना चाहिए। न्यायमूर्ति खेत्रपाल ने कहा एयर इंडिया प्रबंधन को बर्खास्त पायलटों को बहाल करने सहित उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिये।
पायलटों ने एयर इंडिया प्रबंधन को आईपीजी के 10 पदाधिकारियों सहित 101 बर्खास्त पायलटों को बहाल करने का निर्देश देने के लिये अदालत में याचिका दायर की थी। आईपीजी के संयुक्त सचिव तौसीफ ने मुंबई से फोन पर बताया अदालत ने बहुत सकारात्मक टिप्पणी की है। इसने कहा है कि सभी पायलटों को वापस लिया जाना चाहिए और बर्खास्त किये गये तथा अन्य पायलटों के बीच कोई फर्क नहीं होना चाहिए। हम अदालत की टिप्पणी से खुश हैं। इस बीच, नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा है कि सरकार पायलटों की शिकायतों पर विचार को तैयार है। साथ ही वह एयरलाइन के पुराने गौरव को वापस दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। सिंह इस समय विदेश में हैं।












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