सावधान! कहीं आपकी जान न ले ले यह आम

Mangoes can be dangerous too
दिल्ली (ब्यूरो)। आम का सीजन चल रहा है और इन दिनों लोग इसका खूब मजा ले रहे हैं। लेकिन सावधान रहे आम खाने से जान भी जा सकती है। दिल्ली में भी एक महिला गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है। हालांकि आम खाने के बाद होनेवाली एलर्जी आम बात नहीं है।

पिछले 12 महीनों में आम खाने के बाद दस लोगों की मौत की घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ घटनाएं भारत में भी हुई है। एक महिला की मौत दिल्ली में हुई है। हालांकि आम खाने के बाद खतरनाक एलर्जी की घटनाएं बहुत कम होती हैं. दिल्ली की सुनीता का इलाज इन दिनों में दिल्ली में चल रहा है। वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इस्टीट्यूट में वह भर्ती है। एक आदमी को गंभीर हालात में बंगलूरु में भर्ती कराया गया है। इन दोनों को सांस में लेने में परेशानी हो रही है। डा अशोक शाह कहते हैं कि इसमें आम खाते ही नाक में परेशानी बढ़ जाती है। इसलिए अगर आम खाते ही सांस में परेशानी हो तो तुरंत डाक्टर के पास जाएं। इस हालात में अगर आम खाना जारी रहा तो मौत तक हो सकती है।

हालांकि आम के बहुत फायदे भी हैं। यह फल हर बॉडी पर अलग- अलग तरह से रिऐक्ट करता है, जो बहुत हद तक बॉडी टाइप पर डिपेंड करता है। कई लोगों को आम खाने के बाद पिंपल्स हो जाते हैं। इसलिए इसे दही या नट्स के साथ खाएंगे, तो यह ज्यादा फायदेमंद रहेगा। इससे इसमें चीनी की मात्रा कम होगी और पोषक तत्व बढ़ेंगे।' आम में शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इसे कम मात्रा में लें। जो लोग ओवरवेट हैं, वे इसे खाना अवाइड करें। नहीं तो, यह बॉडी में हारमोनल चेंज की वजह बन सकता है।' 'इसमें विटामिन सी और ई भरपूर तादाद में पाया जाता है। इसमें ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं, जो आंखों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। आम उन लोगों के लिए भी पोषण युक्त है, जो कमजोर, लो एनर्जी और वीक स्टेमिना की दिक्कत से गुजर रहे हों। यह फल बॉडी को तुरंत एनर्जी देता है। यहां तक कि हरा आम और कैरी विटामिन सी का अच्छा स्रोत हैं और इसमें शुगर की मात्रा भी न के बराबर होती है।'

स्किन केयर एक्सपर्ट व कॉस्मेटिक्स फिजिशियन डॉ. जमुना पाई कहती हैं, 'आम एंटी ऑक्सिडेंट का अच्छा सोर्स है। ये एंटी ऑक्सिडेंट न केवल उम्र बढ़ने की प्रोसेस को स्लो कर देते हैं, बल्कि स्किन से जुड़ी कई बीमारियों मसलन, सरवाइकल और कोलन कैंसर से भी बचाता है। आम बॉडी से हानिकारक टॉक्सिन और फ्री रेडिकल्स को बाहर करने में भी सहायक है।

यहां बता दें मैंगो शब्द मिल के एक शब्द शब्द 'मैंगके ' या मैन-गे से आया है। जब पुर्तगाल के व्यापारी भारत आए, तो उन्होंने इस शब्द को 'मान्गा' बना दिया। आलफॉन्जो आम का नाम अफॉन्जो डे अलबुकेर के नाम पर पड़ा, जो पुर्तगाल के थे। वही एक व्यक्ति थे, जो इंडिया में कई तरह के फल लाए।लगभग 4000 साल पहले जंगली आम हिमालय पर्वत के पास के जंगलों में पाये गये। यह भारत और बर्मा के पास से मिले थे। पूरे संसार में सबसे ज्यादा आम की पैदावार हमारे देश में ही होती है।

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