यूपी में लू-लपट जारी, मॉनसून का अता-पता नहीं

मानसून पूर्व की बारिश न होने से नदियों में जल स्तर घट रहा है जिससे बिजली उत्पादन गिरा है और बिजली की कमी से लोग परेशान हैं। बिजली की कटौती से परेशान लोगों को पर्याप्त पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। मानसून कमजोर पडऩे से पश्चिमोत्तर क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल दर्ज किया गया।
मौसम में आये परिवर्तन के कारण इस बार गर्मी मई से श़ुरू हुई और दो महीने भीषण गर्मी पडऩे के बाद इन दिनों मानसून की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई थी लेकिन मानसून कमजोर पडऩे से लोगों को अभी और गर्मी झेलनी पड़ेगी।
किसानों को भी धान रोपायी के मौसम में बिजली पर्याप्त नहीं मिलने से काफी दिक्कतें हो रही हैं वहीं लोगों को रातें भीषण गर्मी में गुजारनी पड़ रही हैं। मौसम कार्यालय के अनुसार अगले चौबीस घंटों में क्षेत्र के मौसम में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
बारिश न होने से पानी का आपूर्ति पर असर पड़ा है मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक मौसम आम तौर पर परिवर्तनशील रहने की स भावना है तथा धूल भरी हवाएं चल सकती है और अगले चौबीस घंटों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। राज्य के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी व गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। अगले 48 घंटे में सहारनपुर, बरेली, मेरठ और मुरादाबाद मण्डलों में अधंड की संभावना है।












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