बिहार के युवक ने लगाए IIT-D पर भेदभाव करने के आरोप

युवक कि याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस प्रतिभा रानी ने आईआईटी दिल्ली को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब करने को कहा है हाई कोर्ट ने आईआईटी को इस मामले में 2 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार के मूल निवासी अमित कुमार ने अपने भाई सितेश कुमार के माध्यम से ये याचिका दायर की है। दायर याचिका में अमित का कहना है कि आईआईटी दिल्ली ने उसे ये कहते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया कि वह शारीरिक रूप से केवल 24 प्रतिशत ही विकलांग है जबकि 40 प्रतिशत शारीरिक विकलांगता को उनके द्वारा दाखिला देने का प्रावधान है।
आईआईटी ने उसे दाखिला देने से मना करते हुए मनमाने ढंग से अपना आदेश पास किया जबकि उसके पास 40 प्रतिशत शारीरिक विकलांगता होने का प्रमाण पत्र है। आपको बताते चलें कि आईआईटी दिल्ली ने 5 जून को उसका चिकित्सीय परिक्षण कराया और उसे कहा कि वह 24 प्रतिशत शारीरिक विकलांगता का शिकार है।
इस कारण उसे संस्थान में प्रवेश नहीं दिया जायगा। छात्र अमित कि और से एडवोकेट अशोक अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि अमित 12 वीं की परीक्षा में 74 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुआ था जिससे ये पता चलता है कि वो एक होनहार छात्र है और आईआईटी दिल्ली द्वारा मनमाने और भेदभाव पूर्ण ढंग से अमित की दाखिला पात्रता को रद्द किया गया है लिहाजा आईआईटी को आदेश जारी किये जाये कि वह अमित को विकलांगता कोटे में दाखिला दे।












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