मंत्रालय की आग हादसा या राजनीतिक गलियारे की साजिश?

यह आग और भयंकर हो सकती थी कि अगर विपक्षी नेताओं ने संयम ना रखा होता। गनीमत इतनी ही थी कि किसी विपक्षी नेता ने इस बावत कोई बयान नहीं दिया। खैर छुटभैया नेताओं को कोई रोक भी नहीं सकता था और उन्होंने बेछूट बयानबाजी भी की। वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने एक विवादास्पद बयान देकर आग की घटना को हवा दे दी है।
पवार ने इस हादसे के बारे में कई सवाल खड़े किये और कहा कि इस हादसे में सिर्फ मेरा ही दफ्तर क्यों खाक हुआ। पवार ने कहा कि सीएम साहब के चेंबर का एक तिनका तक नहीं जला। फिलहाल जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार की दोपहर को लगी आग पर शाम करीब 8 बजे काबू कर लिया गया, लेकिन अचानक रात को करीब 12 बजे फिर से आग लग गई। फिर से फायर ब्रिगेड को मशक्कत करनी पड़ी। अंतत: रात को आग बुझी तब राख में तीन लाशें मिलीं।












Click it and Unblock the Notifications