मंत्रालय की आग: मौत को सामने देख तिरंगे को भूल गयी सेना

मंत्रायल पर लगी आग ने ऊपर से लेकर नीचे तक सभी मंजिल को जलाकर खाक कर दिया था। इस आग में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का कार्यालय भी आग की बलि चढ़ गया। मंत्रालय के सबसे ऊपर लहराने वाले तिरंगे की आन के लिए पांच कर्मचारियों ने अपनी जान को दांव पर लगा दिया। आग की लपटे बढ़ती जा रही थी, लेकिन नौजवानों के हौसले पस्त नहीं हुए और आखिर उन्होंने तिरंगे को उतार ही लिया।
मंत्रायल पर सुबह राष्ट्रध्वज लहराने और शाम को उतारने की जिम्मेदारी गृह विभाग के कर्मचारियों पर ही होती है। आग लगभग 2:30 पर लगी थी, और एक घंटे में पूरा मंत्रालय इसके कब्जे में आ गया था। कुछ ही देर में पूरे मंत्रालय को खाली करा लिया गया। इस भयानक आग में पांच लोग मरे और 14 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये।
तिरंगे ध्वज की जिम्मेदारी संभालने वाले जाबाज कर्मचारियों से बचावकर्मियों ने निकलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने ध्वज उतारे जाने बिना बाहर जाने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों ने पहले देश के सम्मान तिरंगे को उतारकर ही दम लिया। पहले आग फिर मौत और उसके बाद साजिश
तिरंगे की सुरक्षा के लिए अपनी जान दाव पर लगाने वाले इन पांच जाबाजों को 'वनइंडिया' का सलाम। इन देशभक्तों के बारे में आपका क्या ख्याल है। क्या देश का सम्मान बचाने वाले इन जाबाजों का सम्मान करेगी सरकार?












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