राहुल गांधी के जन्मदिन पर भी दिखा सियासी शिकस्त

Rahul Gandhi
दिल्ली (ब्यूरो)। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी 19 जून को 42 साल के हो गए। उनके जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशिया मनाई, केक काटे। राहुल बाबा विदेश में हैं जैसा कि वे अपने जन्मदिन पर हमेशा रहते हैं इस बार भी है और बिना राहुल बाबा के ही कांग्रेसियों ने उनका जन्मदिन मनाया। दिग्विजय सिंह के कमरे में। कुछ कांग्रेसी जुटे और धीरे से दिग्विजय सिंह के कमरे में हैप्पी बर्थडे राहुल बाबा, तुम जीओ हजारों साल कह कर इतिश्री कर ली।

न कोई शोर न कोई धूम ध़ड़ाका। देश भर में तो कांग्रेसियों ने राहुल बाबा का जन्मदिन खूब मनाया पर दिल्ली में राहुल बाबा के जन्मदिन पर पांच राज्यों में सियासी शिकस्त की छाप जमकर दिखी। देशभर से तो कार्यकर्ता राहुल का जन्मदिन मनाने के लिए एक हफ्ते पहले ही आने लगते थे वे इस बार नदारद दिखे। कांग्रेस के मुख्यालय पर भी नेताओं की भीड़ नहीं थे। जो कुछ दिखे वे भी अनमने थे। हां वहां के स्थानीय कर्मचारी जरूर सक्रिय नजर आ रहे थे। उन्हें इंतजार था कि राहुल बाबा का आज जन्मदिन है तो कम से कम आज छककर मजे उड़ाने के दिन हैं पर उनके भी अरमान पर शाम सात बजते बजते पानी फिर गया। कहीं कोई जन्मदिन मनाने नहीं आया।

सूत्र बता रहे हैं कि संभव है कि पांच राज्यों में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेसी जन्मदिन मनाने का साहस नहीं कर सकें हो क्योंकि जिस प्रकार से इस राज्य के मतदाताओं ने राहुल को नकारा है उससे तो यही कयास लगाया जा रहा है कि संभव है कि खुद राहुल ही अपना जन्मदिन न मनाएं हों। पर जैसा भी हो कांग्रेसियों ने तो उनका जन्मदिन नहीं मनाया।

पर पिछले वर्षगांठ को याद करते हुए सूत्र ने कहा कि जब 2009 में कांग्रेस एक बार पुनः सत्ता में आय़ी थी तो राहुल बाबा के जन्मदिन को मनाने और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठाने देश भर से कांग्रेसी 14 अकबर रोड पर जमा हो गए थे। हालांकि उस समय खुद राहुल गांधी ने अपील की थी कि दिल्ली में कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता उनका जन्मदिन मनाने के लिए न आए पर कांग्रसी कहां मानने वाले थे आए भी और यहां आकर चालीस किलो का केक भी काट गए पर इस बार यह नजारा देखने को नहीं मिला।

आपको बता दे कि राहुल गांधी गांधी ने दिल्ली के ही 'मॉर्डन स्कूल' में प्रारंभिक शिक्षा ली। इसके बाद राहुल दून स्कूल भेजे गए। स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद राहुल ने हावर्ड विश्वविद्यालय से कला स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1995 में उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र में एम. फिल. किया। इसके बाद तीन साल तक माइकल पोर्टर की प्रबंधन परामर्श कंपनी 'मॉनिटर ग्रुप' के साथ काम किया। सन् 2002 में राहुल भारत लौट आए। मार्च 2004 में उन्होंने मई में होने वाले चुनाव में भाग लेकर राजनीति में प्रवेश किया और अपने पिता के चुनावी क्षेत्र यूपी के अमेठी से लोकसभा का चुनाव लड़ा। वे यहां से सांसद चुने गए। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+