आम सहमति बनेगी तभी लड़ेंगे राष्ट्रपति चुनाव: अब्दुल कलाम

राष्ट्रपति चुनाव में हो रहे घमासान को देखते हुए शायद कलाम इससे कतरा रहे है। पूर्व राष्ट्रपति के करीबी सूत्र ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर देखो और इंतजार करो का रूख अपनाया हैं। कलाम का मानना है कि वह तभी मैदान में आयेंगे जब उनके नाम पर आम सहमति हो। कलाम 2002 में राजग की पसंद थे और इस बार भी प्रारंभ में भाजपा ने उनके नाम का समर्थन किया था।
आज राष्ट्रपति चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। होने वाली दो अहम बैठक का नतीजा भी काफी अहम होगा। 11 बजे एनडीए की होगी, और शाम चार बजे यूपीए की होगी। बैठक में ममता बनर्जी मौजूद नहीं होगी, लेकिन ऐसी आशंका जताई जा रही है कि वह प्रणव के नाम पर मुहर लगा सकती है।
ऐसी आशंका है कि आज अब्दुल कलाम या प्रणव मुखर्जी दोनों में से किसी के नाम के आगे मुहर लग जाएगी। राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए यूपीए की अहम बैठक शाम चार बजे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निवास पर होगी। राष्ट्रपति चुनाव पर कलाम ने कहा कि समय आने पर वह उचित फैसला लेंगे।












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