अन्ना हजारे के जन्मदिन पर पौधरोपण, रक्तदान

अन्ना के करीब रहने वाले व अन्ना के सहायक दत्ता अवारी के मुताबिक इस दौरान अन्ना अहमदनगर जिले में स्थित अपने गांव रालेगण सिद्धी में ही रहेंगे। जहाँ अन्ना द्वारा अपने जन्मदिन पर कोई विशेष ताम-झाम नहीं किए जायगा ।
अवारी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस साल भी अन्ना द्वारा अपने जन्मदिन पर पौधरोपण किया जाएगा क्योंकि वह अपना जन्मदिन ताम-झाम के साथ मनाना पसंद नहीं करते। उन्होंने बताया कि हर साल हम पौधरोपण, अनाथ बच्चों के लिए भोजन और रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं। साथ ही अन्ना के समर्थकों सरकारी अस्पतालों में फल बांटने का कार्यक्रम भी चलाया जाता है।
उल्लेखनीय है कि किशन बाबूराव हजारे उर्फ अन्ना का जन्म 15 जून, 1938 को महाराष्ट्र के भिंगारी गांव में हुआ। 1962 में चीन से युद्ध के बाद भारत सरकार की युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील के बाद अन्ना सेना में बतौर ड्राइवर भर्ती हुए थे। 1965 की पाकिस्तान के साथ लड़ाई में उनकी तैनाती खेमकरण सेक्टर में थी। चौकी पर पाकिस्तान के हमले में वहां तैनात सारे सैनिक शहीद हो गए। बमबारी और सैनिकों की शहादत ने अन्ना की ज़िंदगी को हमेशा के लिए बदल दी। अपने साथियों की शहादत से अन्ना का हृदय परिवर्तन हुआ। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के हित से लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने संकल्प लिया कि अब वह देश और देशवासियों की सेवा करेंगे।
1975 में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अन्ना ने अपने जीवन को दिशा दी। अन्ना की राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के धुर विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पहचान 1995 में बनी थी जब उन्होंने शिवसेना-भाजपा की सरकार के कुछ 'भ्रष्ट' मंत्रियों को हटाए जाने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की। 1990 तक हजारे की पहचान एक ऐसे सामाजिक कार्यकर्ता हुई, जिसने अहमदनगर जिले के रालेगांव सिद्धि नाम के गांव की कायापलट कर दी थी।
इस गांव में बिजली और पानी की जबर्दस्त किल्लत थी। अन्ना ने गांव वालों को नहर बनाने और गड्ढे खोदकर बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए प्रेरित किया और खुद भी इसमें योगदान दिया। अन्ना के कहने पर गांव में जगह-जगह पेड़ लगाए गए। गांव में सौर ऊर्जा और गोबर गैस के जरिए बिजली की सप्लाई की गई। इसके बाद उनकी लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हुआ।
इसके बाद अन्ना ने जनलोकपाल बिल और भ्रष्टाचार को लेकर 5 अप्रैल 2011 को भूख हड़ताल की जो ९ अप्रैल तक चली। गौरतलब है की अपनी इस मुहीम के बाद अन्ना और टीम अन्ना को कई तरह की समीक्षाओं से भी दो चार होना पड़ा।
अगर अन्ना के जन्मदिन पर बात सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे ट्विटर और फेसबुक की हो तो वहां भी इनको बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। निर्देशक शेखर कपूर ने अपने द्वारा किये गए ट्वीट में लिखा है कि ऑन अन्ना बिर्थड़े लेट्स सेलिब्रेट आ डे ऑफ होप फॉर वन डे एटलीस्ट लेट एवेरी इंडियन बी औप्तिमिस्टिक दैट चेंज विल कम वन डे साथ ही शेखर ने ये भी कहा है कि आज का दिन एक उम्मीद का दिन है जिसका जश्न हमें मानना चाहिए।
किरण बेदी ने अपने ट्वीट के जरिये बताया है कि अन्ना के जन्मदिन के उपलक्ष में उनकी नवज्योति इंडिया संस्था गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए अध्यापक प्रशिक्षण संस्थान खोलेगी जिसके जरिये अध्यापकों को मुफ्त शिक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जायगा।
वहीँ फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा है कि अन्ना एक ऐसी शक्सियत है जो निस्वार्थ होकर देश सेवा कर रहे हैं।
वहीँ देश के एक युवा परतेश पटेल ने ट्वीट किया है कि हिन्दुस्तानी लोकतंत्र की तरुणाई के प्रतीक युवा "अन्ना" को उनके 75 वे जन्मदिन पर देश के समस्त युवाओं व् जनलोकपाल टीम की ओर से हार्दिक बधाई।
सोशल नेटवर्किंग पर आये हुए ट्वीट्स से एक बात तो साफ है कि भले ही विरोधी अन्ना को कुछ भी कहें लेकिन कहीं न खिन उन्होंने देश वासियों में एक उम्मीद तो जगा ही दी है कि शायद हमारा हिन्दुस्तान वापस सोने कि चिड़िया बन जाये।
अगर आप भी अन्ना को जन्म दिन कि बधाई देना चाहते हैं तो नीचे दिए कमेन्ट बॉक्स के माध्यम से अन्ना को जरूर विश करें।












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