3 साल में 39 हजार सैनिकों ने छोड़ी नौकरी

Indian Army
नई दिल्‍ली। देश की सुरक्षा का बोझ उठाने वाले कंधे अब अपनी जिम्‍मेदारियों से मुकरते नजर आ रहे है। अक्‍सर देश को विपरीत हालात से निकालने वाले जवान अब सेना से विदा ले रहे है। यह वाकई चौकाने वाला है, लेकिन ताजा आकड़े यही कह रहे है। केंद्रीय सुरक्षाबलों के जवानों के नौकरी छोड़ने का सिलसिला तमाम सरकारी कोशीशों के बावजूद अभी भी जारी है।

केंद्रीय सुरक्षा बलों को गृह मंत्रायल के द्वारा नियंत्रित किया जाता है। मंत्रायल की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन वर्षो में करीब 39 हजार सुरक्षाकर्मी नौकरी छोड़ चुके है। सरकार तमाम कोशीश कर रही है, फिर भी नौकरी छोड़ने का सिलसिला जारी है। अगर ऐसे ही सिलसिला जारी रहा तो देश की सुरक्षा का क्‍या होगा।

बर्ष 2009 से बर्ष 2011 के बीच में कुल 34683 सुरक्षाकर्मियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लिया, जबकि अन्‍य 3947 सुरक्षा‍कर्मियों ने निजी कारणों का हवाला देकर इस्‍तीफा दे दिया है। आपको बता दे कि वर्ष 2009 में 12983 सुरक्षाकर्मियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। वर्ष 2010 में 10875 सुरक्षाकर्मियों ने सेवानिवृत्ति ली। वर्ष 2011 में 10825 सुरक्षाकर्मियों ने ऐसा किया।

वर्ष 2009 में 1162 सैनिकों ने इस्‍तीफा दिया, 2010 में यह संख्‍या बढ़कर 1487 पर पहुंच गयी और वर्ष 2011 में यह संख्‍या 1298 थी। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले सैनिकों ने सबसे ज्‍यादा बीएसएफ के सैनिक थे। बीएसएफ के 17639 सुरक्षाकर्मियों ने भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली। वर्ष 2009 में 6319 जवानों ने, 2010 में यह संख्‍या घटकर 5443 पर आ गयी और 2011 में 5877 थी।

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ दूसरे स्‍थान पर है। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) इस्‍तीफा देने वालों में सबसे आगे है। जवानों के इतनी बड़ी संख्‍या में नौकरी छोड़ने से सरकार की चिंताएं बढ़ती जा रही है।

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