संपत्ति मामला: जगनमोहन रेड्डी बने कैदी नंबर 6093

सीबीआई ने जगन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 477 ए (खातों की झूठी जानकारी देना) तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 के तहत आरोप दर्ज किये हैं। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि जगन की अग्रिम जमानत अर्जी लंबित होने की स्थिति में उनकी गिरफ्तारी अपने आप में गैरकानूनी है।
यह कानून का दुरुपयोग है। जगन के वकील ने दलील दी, यह एक तरह से उन्हें (आंध्र प्रदेश में आगामी उपचुनावों में) प्रचार करने से रोकने की कोशिश है। यदि कोई व्यक्ति नोटिसों का पालन करता है और एजेंसी के समक्ष पेश होता है तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। उधर भान ने आरोप लगाया कि उनकी (जगन की:) कंपनियों में 1,234 करोड़ रूपये का निवेश किया गया और खुद उन्हें 300 करोड़ रूपये का फायदा हुआ।
सीबीआई के वकील ने कहा कि यह जगन सहित पढ़े लिखे 74 आरोपियों द्वारा किया गया अपराध है और अब तक 24 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं। जो आरोपी (उद्योगपति एन प्रसाद, वरिष्ठ नौकरशाह के वी ब्रह्मानंद रेड्डी) हिरासत में हैं, उन्होंने मामले में कुछ अहम जानकारियां दी हैं जिनके बारे में हमें जगन से पूछताछ करनी है।
सीबीआई ने अनुरोध पत्र (लैटर्स रोगेटरी) मॉरीशस और लग्जमबर्ग भेजे हैं ताकि जगन द्वारा सैंदूर पॉवर में करोड़ों रूपये का निवेश किए जाने के बारे में और जानकारी मिल सके। एजेंसी के अनुसार लग्जमबर्ग स्थित एशिया इन्फ्रा पर सैंदूर पॉवर के स्वामी होने का संदेह है।












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