अब अलग-अलग नहीं होंगे आईआईटी-जेईई और एआईईईई

केंद्रीय मानव विकास संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने सोमवार शाम यह घोषणा करते हुए बताया कि आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी जैसे संस्थानों में दाखिले के लिए इच्छुक छात्रों को नई प्रवेश परीक्षा से गुजरना होगा। इसके अंतर्गत बारहवीं की परीक्षा परिणाम को भी शामिल किया जायेगा। यानी अगर आप आगे चलकर आईआईटी की तैयारी करना चाहते हैं तो आप दसवीं के तुरंत बाद ही तैयारी शुरू कर दें। और तो और अपने बोर्ड इम्तहान में भी अच्छे अंक प्राप्त करें।
सिब्बल ने यह घोषणा तीनों संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में की। नई पद्धति के अंतर्गत छात्रों को एक मुख्य परीक्षा देनी होगी और उसी दिन एक एडवांस परीक्षा। इन संस्थानों में प्रवेश के लिए 40 फीसदी महत्व 12वीं के रिजल्ट को दिया जायेगा। बाकी का 60 फीसदी उस परीक्षा के आधार पर तय होगा जो आप सेंटर पर देंगे।
सिब्बल ने कहा कि फिलहाल तो केंद्रीय संस्थानों को इसमें शामिल किया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इस परीक्षा से देश के सभी राज्यों में संचालित संस्थानों को भी जोड़ने की योजना है। इसके लिए राज्य सरकारों से वार्ता जारी है।
फायदे-
इस परीक्षा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों का समय बचेगा।
छात्रों के बीच कंप्टीशन बढ़ेगा और मानसिक तनाव कम होगा।
यही नहीं पेपर आउट होने की आशंका काफी कम होगी।
अलग-अलग फॉर्म भरने में भारी-भरकम परीक्षा शुल्क बचेगा।












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