भारत ने आकाश मिसाइल का किया सफल परीक्षण

आकाश मिसाइल प्रॉजेक्ट से जुड़े डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया, 'यह टेस्ट देश के नियमित हवाई सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा था, जो सफल रहा।' अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने यह परीक्षण आईटीआर द्वारा मुहैया कराए गए साजो-सामान के साथ किया।
सशस्त्र बलों में आकाश प्रणाली को वर्ष 2008 में शामिल किया गया था। 60 किलोग्राम आयुध के साथ 25 किमी की मारक क्षमता वाला यह मिसाइल सुबह 11 बज कर 8 मिनट पर आईटीआर के कैंपस संख्या तीन से एक सचल मिसाइल से दागा गया। सूत्रों ने बताया, 'परीक्षण के दौरान मिसाइल से पायलट रहित लक्षित विमान की सहायता से हवा में हिलते लक्ष्य को निशाना बनाया गया।'
आपको बताते चलें की आकाश एक विमान रोधी रक्षा प्रणाली है, जो 'राजेंद्र' रेडार के साथ कई लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। राजेंद्र रडार को बेंगलुरु स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला 'इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड रेडार डिवेलपमेंट स्टैब्लिशमेंट' (एलआरडीई) ने विकसित किया है।
गौरतलब है की यह रेडार लक्ष्य पर नजर रखते हुए उसका पीछा करता है और मिसाइल को उसकी ओर निर्देशित करता है। आकाश का विकास देश के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत 1990 के दशक में किया गया। इसके बाद कई परीक्षणों से गुजर कर यह सैन्य बलों में शामिल हुआ है। डीआरडीओ ने आकाश का हवाई संस्करण भी विकसित किया है।












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