ऑपरेशन लादेन: पता बताने वाले डॉक्टर को 33 साल की जेल

ओसामा बिन लादेन मई 2011 में एबटाबाद में अमेरीका द्वारा किये गये ऑपरेशन में मारा गया था। लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका और पाकिस्तान के बीच का मतभेद खुलकर सामने आया। ओसामा के पाकिस्तान में छीपे होने से पाक सरकार को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। लादेन की मौत पर पूरे विश्व में खुशी का माहौल रहा लेकिन पाकिस्तान में उस दिन शोक छाया रहा।
लादेन के मारे जाने के बाद उन लोगो को हिरासत में ले लिया गया जिनपर लादेन की सूचना देना का शक था। अमेरिकी प्रशासन डॉक्टर के पक्ष में है, इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने अफरीदी के रिहाई की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि अफरीदी ने कोई गलत काम नहीं किया है, उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान दोनों के हित में काम किया है।
डॉक्टर अफरीदी पर सीआईए के लिए एबटाबाद में नकली अभियान चलाकर जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। यह अभियान संदिग्ध परिसर में रह रहे ओसामा बिन लादेन की पुख्ता जानकारी हासिल करने के लिए किया गया था। लादेन के परिवार के किसी सदस्य का डीएनए हासिल करना था जिससे यह पुष्टि हो सके की लादेन छिपा हुआ है।
पाक सरकार ने डॉ को अमेरिका की मदद करने के लिए उनको बर्खास्त कर दिया था, और उसके बाद से उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












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