नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के समर्थन में ट्वीट्स की बाढ़

सबसे पहले हम जिक्र करेंगे दो ओपीनियन पोल का जिनमें नरेंद्र मोदी को पीएम पद का प्रबल दावेदार बताया गया है। पहला है एबीपी नील्सन सर्वे जिसमें मोदी का नाम पीएम पद के लिए सबसे ऊपर है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस महासचि राहुल गांधी का। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम भी मोदी से नीचे है। यह सर्वेक्षण यूपीए-2 सरकार के तीन साल पूरे होने पर कराया गया था।
एक दूसरा सर्वे सीएनएन-आईबीएन पर कराया गया, जिसमें 66 प्रतिशत लोगों ने माना कि यूपीए सरकार की विश्वस्नीयता खत्म हो चुकी है। जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष से प्रधानमंत्री किसे बनना चाहिये, तो ऊंची आवाज़ में जवाब मिला नरेंद्र मोदी। 39 प्रतिशत लोगों ने मोदी के पक्ष में वोट दिया। यहां भी मोदी राहुल गांधी और मनमोहन सिंह से ऊपर रहे।
अगर मुख्यधारा वाला मीडिया इन तथ्यों के साथ आगे आ सकता है, तो ट्विटर कैसे पीछे रह जाता। अचानक ट्विटर पर ट्रेंड चल पड़ा- ‘ModiasPMBecause’ यानी 'मोदी को पीएम बनाया जाये क्योंकि'। इस ट्रेंड पर धड़ाधड़ ट्वीट पड़ने शुरू हो गये। अधिकांश लोगों ने कहा कि मोदी में भारत का नेतृत्व करने की क्षमता है और गतिशीलता है। कुछ लोगों ने गुजरात के विकास से जुड़े तथ्यों जैसे बिजली कटौती नहीं होना, बेहतरीन ई-गवर्नेन्स, सौर्य ऊर्जा परियोजना, जल संरक्षण आदि, को उठाते हुए मोदी की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए लोगों ने मोदी को पीएम बनाने पर हामी भरी और कहा कि वही एक नेता हैं जो गांधी जी के 'राम राज्य' के सपने को साकार कर सकते हैं।
एक ने लिखा कि मोदी पीएम बने तो लगेगा सरदार पटेल पीएम बन गये, वहीं दूसरे ने मोदी के अंदर स्वामी विवेकानंद को देखा। कुछ अन्य ट्वीट किये कि अगर मोदी पीएम बने तो रेसकोर्स रोड पर वो नाचने लगेंगे, या फिर वो पीएम आवास के बाहर होली खेलेंगे।
ट्विटर पर लोगों की राय देख कर साफ लग रहा था कि किस तरह लोग मोदी को पीएम बनाने के लिए दीवाने हैं। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से अप्रवासी भारतीयों ने भी ऐसी ही प्रतिक्रियाएं दीं।
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि मोदी किसी सर्वेक्षण में सबसे ऊपर रहे हों। फरवी 2012 में इंडिया टुडे के सर्वेक्षण में बड़ी बात उभर कर आयी कि देश की जनता का मूड मोदी को पीएम बनाने का है। उसमें राहुल गांधी को किनारे कर दिया गया। सितंबर 2011 में अमेरिका की थिंक टैंक ने मोदी को 'किंग ऑफ गवर्नेन्स' करार दिया।
हाल की घटनाओं से साफ हो गया है कि अब देश की जनता यूपीए से थक चुकी है और जिस विकल्प की ओर जनता देख रही है वो मोदी हैं।












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