संकट में है भारत की अर्थव्यवस्था: मुरली मनोहर जोशी

मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि रुपये के अवमूल्यन के लिए केन्द्र जि मेदार है। अवमूल्यन घोटालों की वजह से हो रही है। करीब छह महीने पहले तक देश की अर्थव्यवस्था को ठीक ठाक बताने वाले वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी अब बिगडे़ हालात के लिए दुनियाभर में आयी मंदी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छह माह पहले अर्थव्यवस्था के आधारभूत सिद्धान्तों को ठीक बताने वाली सरकार को बताना चाहिए कि अब यह संकट कहां से पैदा हो गया है। देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को गंभीर मसला बताते हुए उन्होंने इस मसले पर संसद में चर्चा कराये जाने की भी मांग की है जिससे कि देश के लोग जान सके कि सरकार क्या कर रही है। रुपये के लगातार अवमूल्यन को खतरनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की विदेशी मुद्रा भण्डार काफी कम है ऐसे में आयात को बढ़ाया जाना चाहिए। खर्च में कटौती के मदों का खुलासा करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इस कटौती का असर किसी भी सूरत में देश के किसानों पर नहीं पडऩा चाहिए। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है।












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