पत्नी से तलाक होगा, तो देनी पड़ेगी आधी संपत्ति

सूत्रों के अनुसार ऐसा जरूरी नहीं है कि यह संपत्ति शादी के बाद ही हासिल की गई हो। शादी में पहले हासिल की गयी संपत्ति पर भी महिला को पूरा हक मिलेगा। दूसरी चल और अचल संपत्ति को जज के विवेक पर छोड़ दिया है। डिवॉर्स के तहत जो छह महीने का सोच-विचार का समय या कूलिंग पीरियड होता है, अब दोनों पक्षों की सहमति से उसको हटाया जा सकता है।
अब सरकार के सामने अगली चुनौती बिल पर राजनीतिक सहमति बनानी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले राजधानी दिल्ली में एक महिला ने अपने पति को सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया क्योंकि उसने उसके साथ यौन संबंध बनाने से इंकार कर दिया था। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे इस लिए स्वीकार भी कर लिया क्योंकि हाल ही में उसने अपने एक फैसले में कहा था कि यदि पति या पत्नी में से कोई भी बेडरूम में संबंध बनाने से इंकार कर ता है तो वो किसी प्रताड़ना से कम नहीं।
जस्टिस कैलाश गंभीर ने यह बात अपने फैसले में दोहराते हुए महिला द्वारा दी गई तलाक याचिका को मंजूर कर लिया। खास बात यह है कि पति ने पत्नी से सिर्फ यह कहकर बेडरूम में संबंध बनाने से इंकार कर दिया था, क्योंकि उसे लगता था कि उसकी पत्नी उसके स्टेटस की नहीं है। उसने पत्नी से कहा था कि वो पहले अपनी वो डिग्रियां दिखाये जिनका दावा शादी के वक्त किया गया था। यही नहीं उस नौकरी की सैलरी स्लिप दिखाये जो नौकरी वो करती है।












Click it and Unblock the Notifications