22 मई के बाद पेट्रोल के दामों में लगेगी आग
दिल्ली
(ब्यूरो)। अब आप 22 मई के बाद पेट्रोल की दामों में वृद्धि के लिए तैयार रहिए। क्योंकि अब सरकार के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है क्योंकि बजट सत्र की समाप्ति और मानसून सत्र के बीच में एक बड़ा फासला है जिससे सरकार परेशान नहीं होगी और न ही उसे विपक्ष के द्वारा इन मुद्दों पर घिरने का डर है। इसलिए सरकार ने अंदरूनी रूप से पेट्रो कंपनियों को मूक सहमति दे दी है कि वे बजट सत्र के बाद पेट्रो मूल्यों में वृद्धि कर सकती हैं। हालांकि ये वृद्धि पेट्रोल पर पांच रूपये और डीजल पर तीन रूपये संभावित है। id="toptextpromo">रुपये
की कीमतों में अवमूल्यन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल की कीमतों में उछाल के बाद अब आप अपनी जेबें डीली करने के लिए तैयार हो जाइए। क्योंकि सरकार बजट सत्र की समाप्ति के बाद कंपनियों को छूट देने वाली है कि वह कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं। कीमतें पेट्रोल पर पांच रुपये औऱ डीजल पर तीन रुपये होगी। हालांकि रसोइ गैस के दामों में भी वृद्धि की तैयारी है पर संभव है कि यह रुक जाए क्योंकि इन तीनों मुद्दों पर शायद ही सरकार तृणमूल कांग्रेस को समझा पाए। वैसे महाराष्ट्र में चुनाव अगले साल होने हैं ऐसे में सरकार पर इन दामों में कम से कम वृद्धि करने के लिए एनसीपी भी दवाब बना सकती है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>वैसे
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी देश के माली हालात को खराब बताया है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। मुखर्जी ने कहा, इस मंदी से सिर्फ भारत ही प्रभावित नहीं हुआ है, बल्कि समूचा एशिया और ग्रीस समेत अन्य देश प्रभावित हैं। सरकार की निगाह इस अनिश्चितता भरे माहौल पर है। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय उठापटक से विकासशील अर्थव्यवस्था अछूती नहीं रह सकती है। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय हालात कठिन हैं। एक के बाद दूसरे देश में आर्थिक संकट गहरा रहा है। ऐसे में हम बनावटी दुनिया में नहीं रह सकते। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय समस्या से निपटने के लिए सरकार को कुछ अलोकप्रिय कदम उठाने होंगे। जल्दी ही कुछ खर्चो में कटौती के उपाय किए जाएंगे। लोग इसे पसंद करें अथवा नहीं।











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