मोहन भागवत को नहीं करना चाहिए था समर्थन: हजारे

उन्होंने कहा कि भागवत को यह नहीं कहना चाहिए था कि संघ उनके आंदोलन का समर्थन करता है। हजारे पर कांग्रेस के कुछ नेता यह आरोप लगाते हैं कि वह संघ के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कथित भ्रष्टाचार के लिए 14 केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इन मंत्रियों को उनके खिलाफ आरोपों से संबंधित विस्तृत ग्यापन भेज दिये गए हैं। हजारे ने कहा कि हम उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं और एक बार जवाब मिल जाने के बाद हम केंद्रीय सरकार से पूछेंगे कि वह क्या कार्रवाई कर रही है। नहीं तो हम उनके खिलाफ अभियान शुरू करेंगे। हजारे महाराष्ट्र के लिए मजबूत लोकायुक्त कानून के लिए राज्य का दौरा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले दिग्विजय सिंह ने अपने टि्वटर एकाउंट पर लिखा था कि संघ ने पहले अन्ना से रिश्ते की बात कही, जब हल्ला मचने लगा तो वो पलट गये कि नहीं वह अन्ना के साथ नहीं है। यही नहीं उन्होंने कहा कि वह बहुत पहले से कहते आ रहे हैं कि अन्ना आंदोलन को आरएसएस का समर्थन मिला हुआ है। लेकिन उनकी इस बात के लिए उन्हें पागल, मानसिक बीमार और दानव करार दे दिया जाता है। अब मैं खुद पूछना चाहता हूं भाजपा, आरएसएस और अन्ना से, वह ही बता दें कि उनमें से सच्चा कौन है? झूठा कौन?
गौरतलब है कि गुरूवार को अन्ना को आरएसएस का ही अंग बताने वाले संघ प्रमुख मोहन भागवत गुरूवार को पलट गये कि उनका संगठन अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़ा हुआ नहीं है लेकिन अगर उन्हें जुड़ने को कहा गया तो वे इसमें हिस्सा जरूर लेंगे । उन्होंने कहा कि किसी भी स्वयंसेवक को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने से नहीं रोका गया है।












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