सीएमओ मर्डर: डा. एके शुक्ला चार दिनों की रिमांड पर

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश नीलमणि कांत त्रिपाठी ने डा. शुक्ला को मंगलवार को फिर रिमांड पर भेजे जाने का आदेश सुना दिया। हालांकि डा. शुक्ला प्रयास कर रहे थे कि उनकी जमानत हो जाए लेकिन सीबीआई कोर्ट ने उनकी किसी भी दलील को मानने से मना कर दिया। डा. शुक्ला की रिमांड का समय बुधवार सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
इससे पहले उन्हें दो दिन की रिमांड पर भेजा गया था। जांच एजेंसी ने सात दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन विशेष न्यायाधीश ने चार दिन की ही अनुमति दी। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि सबूतों के आधार पर मायावती के कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्र व ए.के.शुक्ला को आमने सामने करके फिर पूछताछ की जायेगी।
सीबीआई ने ए.के.शुक्ला को पिछले सात मई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अब उनके डिप्टी रहे एक डाक्टर पर सीबीआई शिकंजा कसने की तैयारी में है। सीबीआई का कहना है कि डा. शुक्ला पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं तथा पूछे गये सवालों का गोलमोल जवाब दे रहे है जिस वजह से उनकी रिमाण्ड को बढ़ाया गया है।
दिवंगत सीएमओ डा. विनोद आर्या के साथ ही डा. शुक्ला के कार्यकाल के दौरान एनआरएचएम के महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं को देख रहे यह वही डिप्टी सीएमओ हैं जो कि पूर्व सीएमओ डा. ए.के.शुक्ला के करीबी अधिकारी माने जाते थे और सीबीआई ने पहले ही इनके लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी।
दोहरे हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच जाने का दावा करने वाली सीबीआई लखनऊ के पूर्व सीएमओ डा. ए.के. शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद अब अन्य हत्याकाण्डों का खुलासा करने के अंतिम चरण में होने की बात कर रही है। डा. शुक्ला मायावती सरकार में काफी प्रभावशाली माने जाते थे। वह ढाई साल से अधिक समय तक लखनऊ के सीएमओ पद पर रहे थे। उनके बसपा सरकार में कद्दावर दो नेताओं से अच्छे संबंध थे।












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