दाउद और उसके गुर्गों पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध

वित्त विभाग का कहना है कि 57 साल का शकील दाउद का दाहिना हाथ है और डी कंपनी के लिए आपराधिक और आतंकी संगठनों से साथ गठजोड़ स्थापित करता है। विभाग ने कहा कि मेनन दाउद का दूसरा विश्वसनीय साथी है और दक्षिण एशिया में डी कंपनी के काम को देखता है तथा 1993 के मुंबई विस्फोटों के लिए वह भारत में वांछित भी है।
इस पाबंदी के तहत अब अमेरिका का कोई भी नागरिक इन दोनों के साथ किसी भी तरह का कोई कारोबार नहीं कर सकता। इसके साथ ही अमेरिका में छोटा शकिल या दाऊद की काई संपत्ति है तो उसको फ्रीज कर दिया जाएगा। अमेरिका ने यह पाबंदी इसलिए लगाई है क्योंकि शकील और मेनन बड़े पैमाने पर ड्रग की तस्करी करते है।
अमेरिका का यह मानना है कि इस पाबंदी से तस्करों पर नकेल कसी जा सकती है। अमेरिका के मुताबित दक्षिण एशिया में अपराध और आतंकवाद के नेक्सस को खत्म करने की दिशा में उनका यह एक कदम है। दाउद के गुट (डी कंपनी) पर आरोप है कि ये लोग अफगानिस्तान और थाईलैंड से हिरोइन और अन्य नशीले पदार्थो की तस्करी करके अमेरिका पहुंचाते है। ये लोग पश्चिमी यूरोप, पश्चिम एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में भी ड्रग की सप्लाई करते है।












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