3 लाख तक मिलेगी टैक्स से आजादी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राज्यसभा में वित्त विधेयक, 2012 को चर्चा के लिए रखते हुए कहा, 'मैंने बजट सत्र से पहले सभी स्थायी समिति की सिफारिशों पर गौर नहीं कर पाया। मुझे इसके लिए समय नहीं मिल पाया पर बजट सत्र के बाद मैं सभी स्थायी समितियों की सिफारिशों को गौर से देखूंगा और जो भी संभव पड़ पाएगा मैं उसे लागू करने का प्रयास करूंगा। आपको बता दें कि आयकर की संसद की स्थायी समिति ने सिफारिश की थी कि आयकर की सीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर तीन लाख कर देना चाहिए। पर सरकार बजट सत्र में चुनाव के कारण गौर नहीं कर पायी। सूत्रों ने बताया कि जब दादा को राष्ट्रपति पद के लिए जोरआजमाइश चल रही थी उस समय भी आयकर की संसद की स्थायी समिति के चेयरमैन यशवंत सिन्हा ने दादा से सिफारिश की थी कि वे तीन लाख की सीमा को स्वीकार कर लें। हालांकि दादा ने उस समय इस पर कुछ भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे कुछ न कुछ करेंगे जरूर।
दादा ने कहा, कैबिनेट की मंजूरी के बाद डीटीसी विधेयक को दोनों सदनों की मंजूरी के लिए उसे अगले मॉनसून सेशन में पेश किया जाएगा।' डीटीसी विधेयक का देश के इनकम टैक्स कानूनों पर व्यापक असर पड़ेगा क्योंकि यह इनकम टैक्स कानून 1961 का स्थान लेगा। प्रणब मुखर्जी के मुताबिक जीएएआर वित्त वर्ष 2014 से लागू होगा। जिन मामलों का निपटारा हो चुका है, उन पर जीएएआर नहीं लगाया जाएगा। आयकर कानून में पुरानी तारीख से हुए बदलाव का 82 देशों के साथ टैक्स संधि पर असर नहीं पड़ेगा।












Click it and Unblock the Notifications