बूंद-बूंद पानी के लिये तरसेगा नोएडा और ग्रेटर नोएडा

उल्लेखनीय है कि देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पहले से ही पेयजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। यूपी के सबसे बड़े शहरों में एक नोएडा के कुछ क्षेत्रों में अभी भी पानी की भयंकर किल्लत है और ऐसे में ये ताजा रिपोर्ट कई बड़े सवाल खड़ी करती है। भूकंप पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि जमीन कमजोर होने से सीस्मिक जोन 4 में आने वाली नोएडा की गगनचुंबी इमारतों पर भूकंप में गिरने का खतरा भी बढ़ गया है।
जानकारों का मानना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा का विकास तेजी से किया गया है। ऐसे में वहां की हरियाली को काट कर गगनचुंबी इमारतें बनाईं गईं हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि अचानक हरियाली के सफाए ने इस गहरे खतरे को आमंत्रित किया है। वहीं जलस्तर को लेकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले ही खतरे की निशान के उपर है।












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