डॉक्टर इंजीनियर छोड़ ब्राह्मणों के स्पर्म की डिमांड हाई

अंग्रेजी अखबरा टीओआई में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक मुंबई के एक स्पर्म बैंक ने इस चीज का अध्ययन किया और पाया कि स्पर्म की तलाश में घूमने वाले निसंतान दंपत्ति सिर्फ ब्राह्मण के स्पर्म चाहते हैं। ऐसा पहली बार देखने में आया है, क्योंकि अभी तक स्पर्म की च्वाइज महज नौकरी व पेशे के आधार पर होती थी। यानी लोग अन्य लोगों के मुकाबले इंजीनियर, डॉक्टरों के स्पर्म की ज्यादा डिमांड करते थे।
इनफर्टिलिटी सोल्यूशन्स सेंटर ट्रिवेक्टर के संस्थापक अध्यक्ष दिलीप पाटिल के अनुसार सबसे ज्यादा मांग ब्राह्मण डोनर्स की है। यहां तक कि मुसलमान दंपति भी पूछते हैं कि डोनर शिया है या सुन्नी। पाटिल ने कहा कि भारतीय चिकित्सा शोध परिषद की दिशा-निर्देशों के अनुसार हम किसी भी डोनर की जाति के बारे में नहीं बता सकते, हम केवल धर्म को ही आधार बना सकते है।
आज से तीन साल पहले पटना के स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ सौरव कुमार के एक बयान पर काफी बवाल मचा था। कुमार ने इंटरव्यू में कहा था कि स्पर्म लेने वाले दंपत्ति डोनर्स की जाति जानना चाहते है। उस समय यह बात उठी थी कि बिहार में सामंतवादी और जाति प्रथा में विश्वास करने वाला लाग है, लेकिन ब्राहमणों के स्पर्म की मांग सबसे ज्यादा मुंबई जैसे बड़े शहरों में है।












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