महारानी के आगे झुकी भाजपा

नेतृत्व संकट पर लड़ाई लड़ रही वसुंधरा राजे इस समय दिल्ली पहुंची हुई हैं। यहां वे आरएसएस के लोगों के साथ बैठक कर रही है। सूत्र बता रहे हैं कि वह भाजपा पर आरआरएस से दवाब डलवाना चाह रही हैं कि वह इस मुद्दे तो जल्द से जल्द सुलझाए।सूत्रों ने बताया कि वह इस दौरान पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, लालकृष्ण आडवाणी और अरुण जेटली से मुलाकात कर सकती है।
वहीं केंद्रीय नेतृत्व भी अब कुछ झुकने को तैयार है। बताया जा रहा है कि वह वसुंधरा को हरी झंडी देने को भीतर ही भीतर तैयार हो गया है क्योंकि वह जानता है कि कांग्रेस को यदि राजस्थान से भगाना है तो बिना वह वसुंधरा के पूरा नहीं हो सकता।इसलिए हर हालत में वसुंधरा को साथ रखना जरूरी है। इसलिए पार्टी के दो मजबूत नेता सौदान सिंह और राजस्थान के सह प्रभारी किरीट सोमैया लगातार उनसे संपर्क साधे हुए हैं।
वैसे वसुंधरा ने राज्य के प्रभारी कप्तान सिंह सोलंकी, गुलाब चंद कटारिया और घनश्याम तिवाड़ी के रवैए पर अपनी आपत्ति पार्टी पदाधिकारियों को जता दी है। उनका आरोप था कि राज्य में ऐसी स्थिति बनाई जा रही है जिसमें पूरी पार्टी धड़ों में बंट जाए।उन्होंने कहा कि विधायक उनके साथ हैं, लेकिन निचले स्तर पर सामंजस्य बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।












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