ईरान पर भारत को मनाने की कोशिश में हिलेरी

विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि हिलेरी का इस दौरे में जो सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है वह ईरान का है क्योंकि ईरान पर अमेरिका ने कई आर्थिक प्रतिबंध लगा रखा है और वह चाहता है कि भारत भी ईरान पर कुछ आर्थिक प्रतिबंध लगाए जिससे ईऱान को परमाणु कार्यक्रम बंद करने के लिए झुकाया जा सके। हालांकि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में यह मुद्दा उछला भी था पर मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत ईरान पर कोई आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाएगा।
गौरतलब है कि यह वही अमेरिका है जिसने भारत के परमाणु कार्यक्रम को भी बंद करने के लिए मजबूर किया था और परमाणु विस्फोट के बाद कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। हालांकि तीन साल बाद ही अमेरिका को अपने घुटने टेकने पड़े और बिना किसी सिफारिश के ही उसे भारत से प्रतिबंध हटाना पड़ा। अब अमेरिका ईरान के पीछे पड़ा है कि उसे किसी भी तरह से परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है।
मनमोहन सिंह से निराशा हाथ लगने के बाद आज अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन विदेश मंत्री एसएम कृष्णा को समझाने का प्रयास करेंगी। वैसे वह कृष्णा को कितना समझा पाएंगी यह तो समय बताएगा पर इन दोनों नेताओं के बीच एफडीआई और मुंबई हमले के मुख्य आरोपी हाफिज सईद के बारे में जरूर कुछ बातचीत सकारात्मक हो सकती है। क्योंकि हिलेरी का मानना है कि पाक आतंक का गढ़ है औऱ अलकायदा का नया प्रमुख अयमान अल जवाहिरी भी पाकिस्तान में ही है।












Click it and Unblock the Notifications