हाई कोर्ट ने मांगी सीएमओ हत्या की जांच रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश की राजनीति को झकझोर देने वाले और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुये करीब दस हजार करोड़ रूपये के घोटाले में तीन चिकित्सा अधिकारियों की मौतें हुई। चिकित्साधिकारियों की हत्याओं की जांच कर रही सीबीआई अब तक न्यायालय से दो बार जांच का समय बढ़ाने की मांग कर चुकी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा और न्यायमूर्ति वीसी गुप्ता की खंडपीठ ने जांच एजेंसी से प्रगति रिपोर्ट के साथ केस डायरी देने का भी आदेश दिया।
मामले में परिवार कल्याण विभाग के दो मुख्य चिकित्साधिकारियों की सुबह के सैर के समय गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी विनोद आर्या की 27 अक्टूबर 2010 तथा डा. बीपी सिंह की दो अप्रैल 2011 को गाली मार कर हत्या कर दी गयी थी जबकि दोनों की हत्या के षडयंत्र में गिरफ्तार किये गये उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी योगेन्द्र सचान की लखनऊ जेल में संदिग्ध अवस्था में मृत्यु हुई थी। उनके शरीर पर गहरी चोट के दस निशान थे और जेल के बाथरूम में उनका शव लटका पाया गया था।
ज्ञात हो कि दोनों मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने कल देर रात लखनऊ के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी ए.के. शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई को इन हत्याओं की साजिश रचने का संदेह डाक्टर शुक्ला पर था। गौरतलब है कि इस सिलसिले में जून 2011 में दो शातिर बदमाश गिरफ्तार किये गए थे जिन पर दोनों मुख्य चिकित्साधिकारियों की हत्या करने की आशंका जतायी गई थी लेकिन अब तक पुलिस इस मामले में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर पायी है।












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