समाजवादी फ्रैंकोइस होलांदे बने फ्रांस के नये राष्ट्रपति

उनकी जीत पर फ्रांसीसी क्रांति के ऐतिहासिक प्लाजा प्लेस डि ला बैस्टील में जीत के जश्न का माहौल था। फ्रैंकोईस मित्तरां के बाद वह देश के पहले वामपंथी प्रमुख होंगे। मित्तरां 1981 से 1995 तक राष्ट्रपति थे।
सारकोजी ने अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया और कहा कि अर्थव्यवस्था को चलाने के उनके तौर तरीके को लेकर व्यापक नाराजगी के बाद भी उन्होंने दूसरा कार्यकाल जीतने के लिए भरसक प्रयास किया। उन्होंने कहा, "मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं।" होलांदे की पूर्व पार्टनर और उनके चार बच्चों की मां सेगोलीन रॉयल ने उनके जीतने पर खुशी जतायी।
आंशिक आधिकारिक परिणाम के अनुसार पूरे देश के आधे मतों की गणना के अनुसार होलादे ने 50.8 फीसदी वोट हासिल किए जबकि सारकोजी को 49.2 फीसदी मत मिले। सीएसए, टीएनएस-सोफ्रेस और इपसोस सर्वेक्षण एजेंसियों ने अनुमान लगाया है कि होलांदे को 51.8 से 53 फीसदी मत मिलेंगे जबकि सारकोजी को 48.2 फीसदी मत मिलेंगे। सारकोजी ने अपनी इस हार के बाद अपनी दक्षिणपंथी यूएमपी पार्टी से एकजुट रहने को कहा लेकिन चेतावनी दी कि वह जून के संसदीय चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा, एकजुट रहें। हम संसदीय संघर्ष जरूर जीतना है। मैं उस अभियान की अगुवाई नहीं करूंगा।












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