ममता को मनाना सरकार के लिए टेढ़ी खीर

mamata banerjee
दिल्ली(ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिन से दिल्ली में हैं पर इन दिनों के भीतर भी सरकार उन्हें मना नहीं पाई। एनसीटीसी का मुद्दा हो या फिर राष्ट्रपति के पद के उम्मीदवार की बात ममता ने दोनों ही मुद्दों पर सरकार से उलट अपनी बात रखी है।

शनिवा को एनसीटीसी के गठन पर फैसले को लेकर ममता सरकार पर खूब बरसीं। उन्होंने कहा, प्रस्तावित एनसीटीसी उनके राज्य को स्वीकार्य नहीं है। गिरफ्तारी और जब्त करने के प्रस्तावित अधिकारों सहित एनसीटीसी जैसी संस्थाओं के गठन से देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने केंद्र को कहा कि वह एनसीटीसी का आदेश रद करे।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि इन संघीय सिद्धांतों का अपमान करते हुए गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों से पर्याप्त सलाह मशविरा किए बिना तीन फरवरी 2012 को सरकारी आदेश के जरिए एनसीटीसी का गठन किया। केंद्र के ऐसे फैसलों से केंद्र और राज्यों के बीच भरोसे की कमी आएगी।

ममता ने कहा कि बुनियादी ढांचा स्तर पर गंभीर कमियां हैं जो पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए संचार, सडक, वाहन और उपकरण के मामले में कई सालों की अनदेखी के कारण बडा रूप धारण कर चुकी हैं । मैं केन्द्र सरकार से आग्रह करूंगी कि वह पश्चिम बंगाल को विशेष आवंटन मंजूर करे। ममता ने कहा, पुलिस कार्रवाई और उसका कामकाज राज्यों का विशेषाधिकार होना चाहिए, जैसा संविधान में उल्लेख है।

केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों और जिम्मेदारियों से किसी भी हालत में छेडछाड नहीं की जान चाहिए। ममता ने सुझाव दिया कि देश के आंतरिक सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए ताकि आतंकवाद से मुकाबले में केंद्र और राज्य मिलकर व्यापक रणनीति बना सकें। आपको बता दें कि एनसीटीसी को लेकर पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, गुजरात, बिहार और ओडिशा जैसे राज्य विरोध कर रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+