'सपा के गुण्डाराज में मायावती को एसपीजी सुरक्षा जरुरी'

वर्ष 1995 की 2 जून को राजधानी की मीराबाई मार्ग स्थित अतिथि गृह में तब सपा के गठबंधन में रही बसपा मुखिया मायावती पर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि किस तरह से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में मायावती पर जानलेवा हमला किया गया था। पार्टी के एक विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा पार्टी के ही एक सांसद से अपनी जान का खतरा होने के आरोप के बारे में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि त्रिपाठी ने महज गाजीपुर के एक माफिया से जान को खतरा होने की बात कहीं है और पार्टी के किसी नेता का नाम नहीं लिया है।
मौर्य ने कहा, विधायक ने पार्टी को इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं भेजी है। यदि वे ऐसा करते है तो हम मामले की जांच करके इस संबंध में पार्टी मुखिया मायावती को अवगत कराएंगे और यदि मामले में सच्चाई हुई तो समुचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को याद होगा कि गलती पाये जाने पर बसपा ने अपनी पार्टी के नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने में भी कोई हिचक नहीं दिखाई है।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं के साथ छिनैती और लूट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री गांधी जी को तीन बंदरों की तरह काम कर रहे है, मगर ऐसा चलने वाला नहीं है। प्रदेश सरकार द्वारा पूर्ववर्ती बसपा सरकार में चीनी मिलों को बेचे जाने में हुए कथित घोटालों की जांच कराने के बारे में विचार किये जाने के बारे में पूछे जाने पर मौर्य ने कहा कि इससे बसपा सरकार के विरुद्ध लगाये जा रहे झूठे आरोपों की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए पूर्ववर्ती बसपा सरकार द्वारा मांगे गये विशेष आर्थिक पैकेज की मांग भले ही ठुकरा दिया हो, लेकिन अगर केन्द्र अभी भी प्रदेश को विशेष पैकेज देती है, तो बसपा उसका स्वागत करेगी।












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