अब सरकार रखेगी परदेसी बहुओं का रिकॉर्ड

इसके पीछे सरकार की सोच सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए इन दुल्हनों को केवल खरीद की दुल्हन न बनने दिया जाएगा बल्कि उन्हें पत्नी का सही दर्जा मिले। इसके लिए प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशालय ने एक स्कीम का प्रपोजल तैयार किया है। इस संबंध में जिला मुख्यालयों से वांछित जानकारी मांगी गई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशक की ओर से सभी जिलों की कार्यक्रम अधिकारियों को भेजे गए पत्र में अपने-अपने जिले से आउट आफ स्टेट की लड़कियों व महिलाओं की शादी की सूचना मांगी है। इसमें कहा गया है कि कभी संतान उत्पति में उपजाऊ रहे हरियाणा में दशकों से कन्या भ्रूण हत्या के चलते राज्य में दुल्हनों का अकाल पडऩे लगा है।
लड़कियों की संख्या लड़कों के अनुपात में काफी कम है। इसके कारण मानव तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है और युवक आउट आफ स्टेट से दुल्हनें खरीद कर ला रहे हैं। अक्सर बाहर से लाई दुल्हनों को स्वैच्छिक शादी की संज्ञा देकर प्रतिवर्ष हजारों महिलाओं और युवतियों हरियाणा के धनवान व्यक्ति से शादी के स्वप्न दिखाकर शारीरिक व मानसिक शोषण का शिकार बनाया जा रहा है।
इससे प्रदेश मानव तस्करी का लुभावना और व्यापक रूप ले रहा है। चिंता की बात तो यह है कि ऐसी खरीदी गई दुल्हनें शोषित हो रही हैं, जो चिंता का विषय है।












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