'रेखा और सचिन राज्यसभा में आकर नहीं दे पाएंगे योगदान'
इलाहाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने सचिन तेंदुलकर और रेखा के राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने की पृष्ठभूमि में आज कहा कि राजनीतिज्ञों और ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों को एकदूसरे की गतिविधि वाले क्षेत्रों का अतिक्रमण नहीं करना चाहिए। सपा नेता खान ने शहर के बाहरी क्षेत्रों में आयोजित एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा कि हमने दिलीप कुमार और लता मंगेशकर को राज्यसभा सदस्य बनते और छह वर्ष मूक दर्शक बने रहते हुए देखा है।

विधायी निकाय बौद्धिक विकास के लिए हैं। यदि कोई उसमें कोई योगदान नहीं दे सकता तो उसका सदस्य बनने का कोई मतलब नहीं है। आदर्श रूप में ना तो फिल्मी हस्तियों या खिलाडि़यों को राजनीति में आना चाहिए, ना ही राजनीतिज्ञों को फिल्म या खेलों में अनावश्यक रुचि लेनी चाहिए। खान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक मजबूत विधेयक पर विचार कर रही है जिससे उन सभी वक्फ सम्पत्तियौं को फिर से वक्फ भूमि में परिवर्तित कर दिया जाएगा जिनकी अधिसूचना समाप्त कर दी गई है।
वहीं दूसरी तरफ क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा सदस्य मनोनीत किए जाने का प्रमुख राजनैतिक दलों ने स्वागत किया। इस बारे में भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि आशा है कि वह संसद को थोड़ा समय देंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि राज्य सभा के लिए सचिन को मनोनीत किया जाना बहुत अच्छा कदम है और कांग्रेस ने उपरी सदन के लिए हमेशा जानीमानी हस्तियों को ही मनोनीत किया है।
माकपा के महासचिव प्रकाश करात का कहना है कि सांसद के तौर पर सचिन को मनोनीत किया जाना अच्छा है और सरकार को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से इन्हीं की तरह जानेमाने लोगों को ही मनोनीत करना चाहिए। भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि संसद एक गंभीर स्थान है और लोग आशा करेंगे कि सचिन उसे थोड़ा वक्त देंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि एक अच्छा खिलाड़ी राजनीति में जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने राज्य सभा के लिए मनोनीत होने पर सचिन को बधाई दी और इस कदम का स्वागत किया।












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