अदालत करेगी निर्मल बाबा का फैसला

Nirmal Baba
लखनऊ। आध्यात्मिक गुरू होने तथा सामान्य बातों से लोगों का कष्ट दूर कर देने का दावा करने वाले निर्मल बाबा ऊर्फ निर्मलजीत सिंह नरूला के खिलाफ बच्चों की रिपोर्ट दर्ज किये जाने का निर्णय अदालत करेगी। इस याचिका मुख्‍य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बुधवार को सुनवाई करने का आदेश दिया है। अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने की याचिका दाखिल करने वाले बच्चों से सुबूत पेश करने को कहा है।

निर्मल बाबा के खिलाफ सबसे पहले यहां के दो बच्चों 16 वर्षीय तनया ठाकुर व उसके 13 वर्षीय भाई आदित्य ने आवाज उठाई और रिपोर्ट लिखाने के लिये पुलिस के छोटे बड़े अधिकारियों के पास गये। पुलिस ने शिकायत तो सुनी लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की। दोनों बच्चों ने आज इसके लिये अदालत का दरवाजा खटखटाया और मुख्‍य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर कर दी। पूरे देश में धीरे-धीरे निर्मल बाबा की धोखाधड़ी सामने आ रही है।

लखनऊ निवासी तनया ठाकुर और आदित्य ठाकुर ने सबसे पहले पिछले 10 अप्रैल की शाम थाना गोमती नगर में प्राथमिकी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उनका कहना था कि निर्मल बाबा अत्यंत सरलीकृत समाधान प्रस्तुत कर लोगों को ठगते हैं। तनया के अनुसार उनकी बात सुनकर प्राथमिकी दर्ज करने से मना कर दिया गया। तनया का कहना है कि पुलिस कहती है कि आप भुक्तभोगी नहीं हैं।

रिपोर्ट तो कोई भुक्तभोगी ही लिखा सकता है। बहरहाल इन बच्चों के विरोध के बाद पूरे देश में लोग निर्मल बाबा के खिलाफ मुखर हुये और बाबा को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। बाबा का कहना है कि उनके ऊपर लगाया जा रहा धोखाधड़ी का आरोप गलत है। उन्होने अपनी आय के एक-एक पैसे पर आयकर दिया है। वह किसी को धोखा नहीं देते। बाबा के जीजा और झारखण्ड से निर्दलीय सांसद नामधारी ङ्क्षसह ने भी निर्मल बाबा के खिलाफ बयानबाजी की थी।

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