मुख्यमंत्रियों की बैठक में सितारे की तरह चमके नरेंद्र मोदी

चारों तरफ से घिरी हुई यूपीए सरकार आंतरिक सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्रियों की बैठक में दबी कुचली नजर आयी। ममता बनर्जी समेत सभी यूपीए विरोधी मुख्यमंत्री चाहते हैं कि देश के की आंतरिक
व्यवस्था को मजबूत करना चाहते हैं तो एक-एक कर के कदम बढ़ाने होंगे। सभी ने कहा कि आने वाले साल भारत के लिए चुनौतीपूर्ण होंगे। इन सबके बीच जो सबसे खास था वो था मोदी का वक्तव्य, जिसके लिए वो पूरी बैठक में चमक उठे।
यहां अगर कोई मैन ऑफ द मैच का अवार्ड होता तो जरूर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलता। वार्ता शुरू होने के पहले ही मोदी ने अपना एजेंडा सेट कर लिया था। पिछले कई महीनों में उन्होंने प्रधानमंत्री को कई पत्र लिखे, जिसमें एसीटीसी से लेकर आरपीएफ तक के मुद्दे उठाये और अब बीएसएफ में संशोधन का प्रस्ताव। यह गौर करने वाली बात है कि मोदी ने अपने पत्रों और पिछली बैठकों के माध्यम से पहले ही एजेंडा सेट कर लिया था।
पिछली बैठक में दिल्ली में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में मोदी ने संवेदनशील निर्णय पर विरोध दर्ज किया था। तब उनके पक्ष में ममता बनर्जी, जयाललिता, प्रकाश सिंह बादल और मायावती भी थीं। कल जब वो मीटिंग में पहुंचे तो सबसे आगे थे।
मोदी ने संप्रग के ऊपर अपने हमले में आर्मी चीफ के हाल के पक्ष पर यूपीए के पक्ष पर सवाल उठाये। मोदी ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और यूपीए सरकार इसमें लापरवाही बरत रही है। इससे हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
मोदी ही एक मात्र मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने आम आदमी और औरतों के डर को बैठक में रखा। वो डर जो लोगों के मन में अपने देश की सुरक्षा के प्रति बैठा है। मोदी ने यूपीए से सवाल किया कि क्या इससे जनता का विश्वास घट नहीं रहा है। मोदी ने यूपीए सरकार के उस तरीके की भी आलोचना की जो वो इस मामले में अपना रही है। यूपीए सरकार किसी भी अन्य दल से सलाह मश्विरा नहीं करती, जबकि देश की सुरक्षा के मामले में करना चाहिये।












Click it and Unblock the Notifications