कॉल गर्ल्स की 3/4 कमाई खा जाते हैं बिचौलिये

भोला ने कहा कि कोई भी औरत शौक से देह व्यापार के धंधे में नहीं आती उसे मजबूरन धंधे में आना पड़ता है या फिर उसे जबरन धंधे में धकेल दिया जाता है। हर रोज उसके शरीर का सौदा होता है। यह सौदा वह स्वयं नहीं करती बल्कि बिचौलिए या फिर धंधा चलवाने वाले करते हैं और बदले में उसे मिलता भी कुछ नहीं। महिला की मजबूरी का फायदा उठाने वाले धंधे से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा स्वयं रख लेते हैं जबकि महिला को चौथाई हिस्सा देकर चुप करा देते हैं।
देश भर में 25 लाख से ज्यादा वेश्यायें
उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला इसके खिलाफ आवाज उठाती है तो उसे मारपीट व शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देह व्यापार में लिप्त महिलाओं को न सही ढंग से भोजन मिल पाता है और न ही रहने की उचित व्यवस्था होती है बीमार होने पर उन्हें चिकित्सकीय सहायता भी नहीं मिल पाती। यह धंधा चलवाने वाले न केवल उन्हें प्रताडित करते हैं।
उन्होंने कहा कि 20 रुपये की कमाई में उसे सिर्फ पांच रुपया मिलता है। बाकी सब पैसा बिचौलिए आदि खा जाते हैं। भोला ने कहा कि वर्तमान में देश में 1100 लाल बत्ती क्षेत्र तथा साढ़े पच्चीस लाख वेश्यायें हैं। सुविधा के अभाव एवं शोषण के चलते वे नारकीय जीवन जी रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि देश भर के सेक्स वर्करों को तकनीकी शिक्षा प्रदान किया जाये, जिससे वे स्वयं अपना सम्मानजनक व्यवसाय शुरु करें और प्रतिष्ठा की जिन्दगी व्यतीत कर सकें।
उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकारों से अपील की कि वे सेक्स वर्करों के बच्चों को सरकारी तथा गैर सरकारी मान्यताप्राप्त स्कूलों में दाखिले दिलाएं जिससे उन्हे समाज में अच्छा स्तर प्राप्त हो सके। वाराणसी में सेक्स वर्करों की हालत के सुधार के लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपील की कि वह सेक्स वर्करों की मदद के लिए आगे आयें एवं सेक्स वर्करों के लिए स्कूल खुलवाएं।












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