बसों से मिट जायेगा 'माया राज' का नामोनिशान

परिवहन विभाग ने इस बात पुष्टि करते हुए रोडवेज बसों पर बसपा जो स्लोगन है, उसे हटाये जाने पर विचार किया जा रहा है। सपा सरकार का तर्क है कि परिवहन की बसों पर सवर्जन हिताय, सवर्जन सुखाय का स्लोगन को चस्पा है लेकिन उसके मुताबिक सुविधाएं नहीं है। यह स्लोगन बेमानी साबित हो रहा है।
माया सरकार ने बसों पर यह स्लोगन लगाकर महज अपनी पार्टी के प्रचार किया लेकिन लोगों की सुविधाओं को दरकिनार कर दिया। सपा सरकार अब स्लोगन को बदलने के साथ परिवहन सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने जा रही है। इसके तहत मार्कोपोलो बसों में परिवहन निगम को हो रहे करोड़ों के घाटे को कम करने और रोडवेज बसों के किराये को लेकर भी विचार चल रहा है। वहीं बसों के नीले रंग को भी हटाया जाये। नीला रंग हटाकर कौन सा रंग किया जाये, इस पर भी विचार-विर्मश किया जा रहा है।
वहीं इस कवायद पर धन के अनावश्यक खर्च पर परिवहन मंत्री का कहना है कि बसपा सरकार ने भी स्लोगन लगाने व बसों को नीले रंग में रंगने पर धन खर्च किया था। यदि सपा सरकार कोई फेरबदल करना चाहती है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। रही बात परिवहन निगम के घाटे को कम करने की तो उसकी कोशिश की जा रही है। वहीं सपा-बसपा की खींचतान के बीच आम जन को अब बसों में सफर करने के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा क्योंकि डीजल के दामों में वृद्घि के चलते परिवहन बसों का किराया भी बढऩा तय है।












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