अजमेर जाने से पहले मनमोहन को कौन सा तोहफा देंगे जरदारी?

खैर हम आपको बता दें कि यह तोहफा किसी वस्तु के रूप में नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की एक पहल हो सकती है। मुंबई धमाकों के बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटाई पड़ी हुई है। बार-बार दोनों ओर से सकारात्मक पहल की गई, लेकिन किसी का कोई परिणाम नहीं निकला। कई अंतर्राष्ट्रीय शिखरवार्ताओं में दोनों देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और विदेश सचिव मिले लेकिन कोई ठोस कदम नहीं बढ़ सके।
अब आठ अप्रैल को जरदारी भारत आ रहे हैं। उनका निजी मकसद तो सिर्फ अजमेर जाना है, लेकिन बतौर राष्ट्रपति वो भारत के पीएम से मिलेंगे। दोनों की मुलाकात मनमोहन सिंह द्वारा आमंत्रित एक दोपहर के भोजन पर होगी।
हम आपको बता दें कि वर्ष 2005 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुर्शरफ के नई दिल्ली दौरे के बाद से यह पाकिस्तान के राष्ट्रपति का पहला दौरा होगा। राष्ट्रपति के प्रवक्ता फराहतुल्ला बाबर के मुताबिक जरदारी ने दोपहर का भोजन करने का भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। जरदारी राजस्थान के अजमेर स्थित ‘हजरत ख्वाजा गरीब नवाज’ की निजी यात्रा पर भारत जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति उसी दिन इस्लामाबाद लौट आएंगे।
राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक यात्रा राजनीतिक एवं कूटनीतिक विषयों से दूर रखी जायेगी, लेकिन चूंकि इसमें राष्ट्रपति शामिल हैं इसलिए भारतीय नेताओं के साथ कुछ बैठकों की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।












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