बनारस में बंद हो गयी गंगा आरती

वाराणसी को गंगामय करने के लिए जिले में एक बड़ा अभियान शुरू किया गया। गंगा निर्मलीकरण से जुड़े कार्यकर्ताओं का जत्था सरकारी कार्यालयों में पहुंचा और मौजूद अधिकारियों से बोतल में भरे गंगा जल को पीने का आग्रह किया। गंगा की गंदगी के विरोध में आधा घंटे के लिये बिजली पूरी तरह से बंद कर ब्लैक आऊट का निर्णय लिया है।
वहीं गंगा की निर्मलता के लिये लगातर चल रहे अनशन और आन्दोलन पर केन्द्र सरकार की ओर से ध्यान नहीं दिये जाने से क्षुब्ध हर शाम वाराणसी के रामनगर में होने वाली गंगा आरती को 17 अप्रैल तक बंद करने के अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर में अब गंगा जल नहीं चढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। केन्द्रीय देव दीपावली के उपाध्यक्ष नारायण द्विवेदी का कहना है कि रामनगर के बलुआ घाट पर सिर्फ सांकेतिक आरती होगी। वाराणसी के दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली आरती पहले की तरह ही जारी रहेगी।
उन्होंनें कहा कि देश के बारह ज्योतिॄलगों में एक काशी विश्वनाथ मंदिर में अब सीवर मिश्रित गंगा जल नहीं चढ़ाया जायेगा। द्विवेदी का कहना था कि गंगा सिर्फ नदी नहीं है बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था इससे जुड़ी है। इस बीच कबीर चौरा मंडल अस्पताल में तपस्यारत गंगा प्रेमी भिक्षु की हालत और बिगड़ गयी। उनकी नब्ज एवं रक्तचाप की गति घीरे धीरे घटती जा रही है। गंगा प्रेमी भिक्षु की तपस्या का आज नौंवा दिन है। गंगा सेवा अभियान ने 17 अप्रैल को राष्ट्रीय गंगा दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया है।












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