जबरन रेगुलेटर और स्टोव नहीं बेंच सकती गैस एजेंसियां

साथ ही देश की 75 फीसदी आबादी को 2015 तक रसोई गैस मुहैया कराने की योजना को साकार करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय एक से अधिक एलपीजी कनेक्शन लेने वालों पर नकेल कसने की तैयारी में है। जबकि पाइपलाइन गैस (पीएनजी) का उपयोग करने वाले ग्राहकों के एलपीजी कनेक्शन काटने का सख्त निर्देश भी तेल कंपनियों को दे दिया है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं किया जा रहा है। लेकिन मंत्रालय ने इस ओर अपनी गंभीरता दिखाते हुए अब पीएनजी की व्यवस्था वाले देश के 10 राज्यों में एक सर्वे कराया है। इसमें पाया गया कि लाखों उपभोक्ता एक से अधिक गैस कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। मंत्रालय ने तेल कंपनियों से इन घरों से यथाशीघ्र अतिरिक्त गैस कनेक्शन काटने को कहा है। बार-बार कहने के बावजूद कनेक्शन जमा नहीं करने वालों पर जुर्माना तय करने को भी कहा है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक दस राज्यों में मल्टीपल गैस कनेक्शन रखने वाले परिवारों की संख्या आठ लाख से ज्यादा है। सरकार की सख्ती के बावजूद तेल कंपनियां इन ग्राहकों से अतिरिक्त कनेक्शन वापस नहीं ले पाई हैं। महाराष्ट्र में एक से अधिक गैस कनेक्शन रखने वाले परिवारों की संख्या सर्वाधिक 3,92,704 है। 2,67,302 मल्टीपल कनेक्शन के साथ गुजरात दूसरे नंबर पर है जबकि दिल्ली में 1,56,545 परिवारों के पास एक से अधिक रसोई गैस कनेक्शन है। उत्तर प्रदेश में 18,666 घरों में कई कंपनियों के रसोई गैस कनेक्शन है। गौरतलब है कि मौजूदा समय में तेल कंपनियां करीब 13 करोड़ 54 लाख ग्राहकों को एलपीजी मुहैया करा रही है। 18,49,458 पीएनजी कनेक्शन दस राज्यों में उपलब्ध कराए गए हैं। जबकि एक रसोई गैस की बिक्री पर तेल कंपनियों को 439 रुपये 50 पैसे प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।












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