किंग मेकर बनना है मुलायम का "मिशन 2014"

हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव के नतीजों से इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी तेजी से बढ़ रही है। गौरतलब है कि अब तक सपा के पास अपने कार्यकर्ताओं को देने के लिए कुछ नहीं था लेकिन यूपी की सत्ता पाने के बाद वह अपने कार्यकर्ताओं को विधान परिषद भेजने से लेकर निगमों के अध्यक्ष तक का तोहफा दे सकते हैं। मुलायम लगातार कार्यकताओं का मनोबल ऊंचा कर रहे हैं और विधान सभा चुनाव के दौरान किये गये वायदों को पूरा कराने में लग गये हैं।
यही कारण है कि सरकार बनने के साथ ही सपा ने मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में बेरोजगारी भत्ता, मुस्लिम बालिकाओं को 30 हजार रूपये के अनुदान, छात्रसंघो के चुनाव की बहाली जैसे वायदों को पूरा कर दिया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में सपा ने बड़े उलट फेर कर दिया। कांग्रेस को उसकी मांद अमेठी, रायबरेली और कानपुर में पछाड़ा तो भाजपा को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि कही जाने वाले लखनऊ, राम की जन्मभूमि अयोध्या, फैजाबाद और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में पीछे ढकेल दिया।
यही कारण है कि सपा मुखिया का हौसला बुलन्द है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि जिस परिश्रम और जोश के कारण प्रदेश की सत्ता में मिली है उस जोश को ठंडा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार होने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रबंधन चाहता है कि लोक सभा चुनाव में पार्टी को कम से कम 60 सीटें अवश्य मिलें ताकि समाजवादी पार्टी कुछ करने की स्थिति में रहे। पार्टी का कहना है कि यदि ऐसा हो गया तो मुलायम सिंह यादव किंग मेकर की भूमिका में होंगे और उक्त वह यह तय कर सकेंगे कि पीएम की कुर्सी पर आखिर कौन बैठेगा।












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